गोल्ड ETF इंवेस्टमेंट में छह गुना उछाल! ₹31,561 करोड़ का हुआ निवेश, तनाव के बीच सोने पर बढ़ा भरोसा
जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच गोल्ड ETF में मार्च तिमाही में ₹31,561 करोड़ का बड़ा निवेश आया है. यह दिखाता है कि अनिश्चितता के दौर में निवेशक फिर से सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं.

जब बाजार अनिश्चितता से घिरा होता है, तो निवेशक अक्सर सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते हैं, और इस बार भी वही हुआ है. वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया है. इसका असर गोल्ड ETF में जोरदार निवेश के रूप में दिखा, जहां मार्च तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पैसा आया.
तिमाही में जोरदार उछाल
मार्च 2026 तिमाही में गोल्ड ETF में कुल ₹31,561 करोड़ का निवेश आया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹5,654 करोड़ के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा है. हालांकि, तिमाही आधार पर यह निवेश 36% बढ़कर ₹23,132 करोड़ रहा, जो मजबूत निवेश रुझान को दिखाता है.
अगर सिर्फ मार्च महीने की बात करें, तो इसमें ₹2,266 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ. यह फरवरी (₹5,255 करोड़) और जनवरी (₹24,040 करोड़) के मुकाबले कम जरूर है, लेकिन फिर भी निवेश सकारात्मक बना रहा. विशेषज्ञों के मुताबिक, जनवरी में असामान्य रूप से ज्यादा निवेश के बाद यह एक सामान्य गिरावट है.
क्यों बढ़ रहा है गोल्ड ETF का क्रेज
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में सोना निवेशकों के लिए “सेफ हेवन” बना हुआ है. गोल्ड ETF की खासियत यह है कि इसमें बिना फिजिकल गोल्ड खरीदे निवेश किया जा सकता है. यह निवेशकों को लिक्विडिटी, पारदर्शिता और आसान ट्रेडिंग का फायदा देता है.
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AUM और निवेशकों की संख्या में तेज बढ़त
गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो एक साल पहले ₹58,888 करोड़ था. वहीं, निवेशकों की संख्या (फोलियो) भी तेजी से बढ़कर 1.24 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल 69.69 लाख थी.
विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही मार्च में निवेश थोड़ा धीमा पड़ा हो, लेकिन कुल मिलाकर गोल्ड ETF में रुचि बनी हुई है.
बाजार की अस्थिरता और वैश्विक तनाव के चलते निवेशक सोने को डाइवर्सिफिकेशन और सुरक्षा दोनों के रूप में देख रहे हैं.