Waaree Energy- Saatvik छोड़िए… ग्रीन एनर्जी सेक्टर के छुपे रुस्तम है ये छोटे स्टॉक, दे चुके हैं 1580% तक रिटर्न
इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जहां Saatvik green और Waaree जैसे दिग्गज सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन इसी भीड़ में कुछ उभरती कंपनियां भी हैं, जो लगातार बड़े ऑर्डर हासिल कर मजबूत ग्रोथ दिखा रही हैं. ये कंपनियां भले ही लाइमलाइट से दूर हों, मगर लंबी अवधि में निवेशकों को बड़ा मुनाफा देने की क्षमता रखती हैं.
Green Engergy Stocks: शेयर बाजार में कई कंपनियां ऐसी हैं, जो अपने सेक्टर की जानी-मानी फर्म हैं. यानी सेक्टर का नाम लेते ही निवेशकों की जुबान पर उसका नाम आता है, लेकिन उसी सेक्टर में कुछ कंपनियां ऐसी भी होती हैं जिनके नाम तो उतने बड़े नहीं होते, पर कंपनी के ऑर्डर बुक और ग्रोथ प्लान ऐसा है कि निवेशकों को लंबी अवधि में निवेशकों को मुनाफा करा सकती है. यानी ये कंपनियां भीड़ में गुमनाम बनकर काम कर रही हैं. उदाहरण के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को ही ले लीजिए. इस सेक्टर में Saatvik और Waaree जैसे दिग्गजों का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन इसी सेक्टर में कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो लाइमलाइट में तो कम है, पर उन्हें एक के बाद एक ऑर्डर मिल रहे हैं.
Suzlon
Suzlon Group भारत की नंबर 1 विंड एनर्जी सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली कंपनी है. 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 6,222 MW का ऑर्डर बुक था. वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू 85 फीसदी बढ़कर 3,866 करोड़ रुपये हो गया, जो उसके कारोबार में तेज विस्तार को दर्शाता है. इसके साथ ही EBITDA में 145 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 721 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. सबसे तेज बढ़ोतरी Profit After Tax (PAT) में देखी गई, जहां कंपनी का शुद्ध लाभ 538 फीसदी उछलकर 1,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
शुक्रवार को इसके शेयर में 1.67 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद कंपनी का शेयर 54 रुपये पर पहुंच गया. इसने नवंबर 2005 में 117 रुपये के भाव पर बाजार में डेब्यू किया था. यानी पिछले 2 दशक में इसके शेयर में 54 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. लेकिन पिछले पांच साल में निवेशकों को 1,580 फीसदी का रिटर्न मिला है.
Waaree Energies Limited
Waaree Energies Limited (WEL) की स्थापना 1990 में हुई थी. यह भारत की सबसे बड़ी सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी है, जिसकी कुल उत्पादन क्षमता 15.1 गीगावॉट है. इसके अलावा कंपनी ने गुजरात में 5.4 गीगावॉट क्षमता वाला सोलर सेल निर्माण संयंत्र भी शुरू किया है. वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही तक कंपनी का ऑर्डर बुक 200 MW का था.
Waaree Energies Limited अक्टूबर 2024 में बाजार में लिस्ट हुई थी. इसका मार्केट कैप 91,283 करोड़ रुपये है. शुक्रवार को इसके शेयर में 1.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसके दाम 3,172.50 रुपये पर पहुंच गए. लिस्टिंग के बाद निवेशकों को लगभग 27 फीसदी का रिटर्न मिला है.
Saatvik Green Energy Limited
सात्विक ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप सौर ऊर्जा कंपनियों में से एक है. हरियाणा के अंबाला में स्थित इसका संयंत्र प्रतिवर्ष 4.8 GW की उत्पादन क्षमता रखता है. 30 सितंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़कर 4.68 GW का हो गया था. पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 133 फीसदी बढ़कर 168.38 करोड़ रुपये हो गया.
इसका मार्केट कैप 5,223 करोड़ रुपये है. शुक्रवार को मामूली तेजी के बाद इसके शेयर की कीमत 411.10 रुपये पर पहुंच गई. इसने सितंबर महीने में ही बाजार में दस्तक दी थी. तब से लेकर अब तक इसके शेयर में 11.6 फीसदी की गिरावट आई है.
Premier Energies
प्रिमियर एनर्जीज तेलंगाना के तीन अलग-अलग जगहों पर कुल 44.91 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है. 31 मार्च 2024 तक कंपनी के पास सौर सेल्स की 3.2 GW और सोलर मॉड्यूल्स की 6 GW की वार्षिक उत्पादन क्षमता है. यह मजबूत उत्पादन क्षमता प्रिमियर एनर्जीज को देश की अग्रणी सौर निर्माण कंपनियों में स्थापित करती है. 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 13,249 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था.
कंपनी हाल ही में बाजार में लिस्ट हुई है. लिस्टिंग के बाद इसके शेयर में मामूली गिरावट आई है. इसका कुल मार्केट कैप 44,178 करोड़ रुपये है. शुक्रवार को इसके शेयर में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद शेयर के भाव 975.70 रुपये पर पहुंच गए.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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