GMR ही नहीं, ₹91,000 करोड़ के एयरपोर्ट इंफ्रा बूम इन कंपनियों को भी होगा फायदा, एक का 7 लाख करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक

एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर करीब 91000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है. सरकार और प्राइवेट कंपनियां मिलकर नए एयरपोर्ट, टर्मिनल विस्तार और रनवे विकास जैसे प्रोजेक्ट शुरू कर रही हैं. इससे एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ साथ इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को भी बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं.

एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर 91000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है. Image Credit: money9live

Airport Infrastructure India: देश में एयर ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है. सरकार और प्राइवेट कंपनियां मिलकर आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट विकास पर करीब 91000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही हैं. इस निवेश में नए एयरपोर्ट बनाना, टर्मिनल का विस्तार, रनवे को मजबूत करना और एयर नेविगेशन सिस्टम तैयार करना शामिल है. ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स से इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं. खास तौर पर कुछ कंपनियां इस इंफ्रा बूम से फायदा उठा सकती हैं.

GMR Airports

GMR Airports देश की प्रमुख एयरपोर्ट ऑपरेटिंग कंपनियों में से एक है और दिल्ली, हैदराबाद तथा गोवा के मोपा एयरपोर्ट का ऑपरेट करती है. Q3 FY26 में कंपनी की ग्रॉस इनकम लगभग 40.8 अरब रुपये रही, जो सालाना आधार पर करीब 49% ज्यादा है. हालांकि इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.7 अरब रुपये रहा, जो पिछले साल के 2 अरब रुपये से थोड़ा कम है. कंपनी के मैनेज किए गए एयरपोर्ट्स ने तिमाही में 31.9 मिलियन यात्रियों को संभाला, जो भारत के कुल पैसेंजर ट्रैफिक का करीब 27% है. कंपनी के शेयर 12 मार्च को 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 94 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को 5 साल में 235 फीसदी का रिटर्न दिया है.

L&T

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी L&T ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में लगभग 71,400 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर करीब 10% की बढ़त है. इस दौरान कंपनी का रिकरिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 4,400 करोड़ रुपये रहा, जो करीब 31% की ग्रोथ दिखाता है. कंपनी का नेट प्रॉफिट 3,200 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का कुल ऑर्डर बुक लगभग 7.33 ट्रिलियन रुपये है और तिमाही में 1.36 ट्रिलियन रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं. कंपनी के शेयर 12 मार्च को 0.8 फीसदी की गिरावट के साथ 3808 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को 5 साल में 149 फीसदी का रिटर्न दिया है.

NCC

इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC प्रोजेक्ट्स में सक्रिय NCC ने दिसंबर 2025 तिमाही में लगभग 4,868 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया. इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 135 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 206 करोड़ रुपये से कम है. कंपनी का कुल ऑर्डर बुक लगभग 79,571 करोड़ रुपये है और तिमाही में इसे करीब 12,430 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं. कंपनी के शेयर 12 मार्च को 0.40 फीसदी की तेजी के साथ 149 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को 5 साल में 72 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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Ahluwalia Contracts (India)

Ahluwalia Contracts ने Q3 FY26 में 1,061 करोड़ रुपये की ऑपरेशन से इनकम दर्ज की, जो पिछले साल के 952 करोड़ रुपये से करीब 11% अधिक है. कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग 54 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 49.4 करोड़ रुपये से ज्यादा है. दिसंबर 2025 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक करीब 26,586 करोड़ रुपये था, जिसमें से 18,679 करोड़ रुपये का काम अभी बाकी है. कंपनी को इस वित्त वर्ष में अब तक 9,562 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर भी मिल चुके हैं.कंपनी के शेयर 12 मार्च को 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ 761 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को 5 साल में 151 फीसदी का रिटर्न दिया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.