भारत-US ट्रेड डील की आ गई डिटेल, इन सेक्टरों को होगा सीधा फायदा; इन स्टॉक्स पर रखें नजर
भारत ने संकेत दिया है कि वह अगले पांच साल में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर का सामान खरीद सकता है. बाजार की नजर अब इस पर है कि इस डील से किन सेक्टरों को सीधा फायदा होगा और किन कंपनियों के कारोबार में तेजी आ सकती है.
Stocks in foucs after India-US deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड रिश्तों में एक नया अध्याय खुलता दिख रहा है. दोनों देशों ने एक अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क जारी किया है, जिसे आने वाले समय में बड़ी द्विपक्षीय व्यापार यानी BTA की नींव माना जा रहा है. इस समझौते का मकसद टैरिफ कम करना, डिजिटल ट्रेड को आसान बनाना, सप्लाई चेन मजबूत करना और नॉन-टैरिफ रुकावटों को हटाना है. भारत ने संकेत दिया है कि वह अगले पांच साल में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर का सामान खरीद सकता है. बाजार की नजर अब इस पर है कि इस डील से किन सेक्टरों को सीधा फायदा होगा और किन कंपनियों के कारोबार में तेजी आ सकती है. ऑटो से लेकर टेक्सटाइल, आईटी, केबल, इलेक्ट्रॉनिक्स और एनर्जी तक कई उद्योगों में नई उम्मीद जगी है.
भारत क्या ऑफर करेगा
भारत कुछ प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क घटाने, डिजिटल ट्रेड से जुड़े नियम सरल बनाने और सप्लाई चेन सहयोग बढ़ाने पर काम कर सकता है. साथ ही अमेरिका से बड़ी मात्रा में खरीदारी का संकेत देकर भरोसा भी बढ़ाया गया है. इसका फायदा उन भारतीय कंपनियों को मिल सकता है जिनकी अमेरिका में अच्छी मौजूदगी है.
इन सेक्टरों को होगा सीधा फायदा
| ऑटो और टायर सेक्टर को राहत ऑटो सेक्टर में कुछ एक्सपोर्टर को अमेरिकी टैरिफ से राहत मिल सकती है. टायर कंपनियों की Competition भी बेहतर हो सकती है, जिससे उनकी बिक्री और मार्जिन सुधर सकते हैं. यह सेक्टर पहले से ही अमेरिकी बाजार पर नजर टिकाए हुए था. |
| टेक्सटाइल और रिटेल में बड़ा मौका टेक्सटाइल सेक्टर को इस डील का बड़ा Beneficiary माना जा रहा है. कई कंपनियों की अमेरिका से आने वाली कमाई 65 से 90 फीसदी तक है. टैरिफ कम होने से इनके ऑर्डर बढ़ सकते हैं और फैक्ट्रियों में खाली पड़ी क्षमता फिर से इस्तेमाल हो सकती है. |
| कंज्यूमर और ड्यूरेबल्स पर असर फूड और घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी फायदा मिल सकता है. अमेरिका से अच्छी बिक्री होने पर इनके मुनाफे में सुधार आ सकता है. बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की भी उम्मीद है. |
| केबल, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT में तेजी की उम्मीद केबल और वायर बनाने वाली कंपनियों को डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से नए ऑर्डर मिल सकते हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में अमेरिका को होने वाला निर्यात बढ़ सकता है. मोबाइल और अन्य गैजेट बनाने वाली कंपनियों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं. IT सेक्टर में भी अमेरिका से मांग सुधरने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि आउटसोर्सिंग पर बना दबाव कुछ कम हो सकता है. |
| डिफेंस, बैंक और हाउसिंग फाइनेंस डिफेंस सेक्टर में अभी अमेरिकी बाजार में हिस्सेदारी कम है, लेकिन भविष्य में कंपोनेंट एक्सपोर्ट के मौके बन सकते हैं. बैंकिंग में सीधा असर सीमित रहेगा, मगर छोटे कारोबार को कर्ज मिलने में आसानी होने से माहौल बेहतर हो सकता है. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए भी पहले टैरिफ से प्रभावित ग्राहकों की हालत सुधरने की उम्मीद है. |
| एनर्जी सेक्टर को भी फायदा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों, खासकर जिनकी अमेरिका में अच्छी बिक्री है, उनके निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है. इससे इनके ऑर्डर बुक मजबूत हो सकती हैं. |
किन स्टॉक्स पर रखें नजर
| सेक्टर | प्रमुख कंपनियां | कैसे फायदा होगा |
|---|---|---|
| ऑटोमोबाइल | Bharat Forge | ऑटो के अलावा दूसरे निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ नहीं लगेगा, इसलिए एक्सपोर्ट बढ़ सकता है. |
| Balkrishna Tyres | अमेरिका में टैक्स घटने से बिक्री और मुकाबला करने की ताकत बढ़ेगी. | |
| टेक्सटाइल / रिटेल | Raymond Lifestyle | बांग्लादेश और वियतनाम जैसी कंपनियों से मुकाबला आसान होगा. |
| Indo Count | अमेरिका से 65-90 फीसदी कमाई, ऑर्डर बढ़ सकते हैं. | |
| Welspun Living | अमेरिका से ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद. | |
| Gokaldas Exports | अमेरिकी बाजार से मजबूत कमाई हो सकती है. | |
| Kitex Garments | अमेरिका से लगभग 90 फीसदी रेवेन्यू, फैक्ट्रियां फिर फुल चल सकती हैं. | |
| कंज्यूमर फूड | LT Foods | अमेरिका से बिक्री बढ़ने पर मुनाफा सुधर सकता है. |
| कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | Blue Star | बाजार हिस्सेदारी बढ़ सकती है. |
| केबल और वायर | Polycab, KEI Industries | डेटा सेंटर प्रोजेक्ट से नए ऑर्डर और बिक्री में बढ़ोतरी. |
| इलेक्ट्रॉनिक्स (EMS) | Avalon Technologies | अमेरिका को निर्यात बढ़ सकता है. |
| Dixon Technologies | मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट के नए मौके. | |
| टेक्नोलॉजी / IT | सभी IT कंपनियां | अमेरिका से नए प्रोजेक्ट मिलने की उम्मीद. |
| डिफेंस | अमेरिका को एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियां | भविष्य में पार्ट्स और उपकरण भेजने के मौके. |
| बैंकिंग | ICICI Bank, HDFC Bank | छोटे कारोबार को कर्ज बढ़ सकता है, माहौल सुधरेगा. |
| State Bank of India, Federal Bank, Bandhan Bank | SME ग्राहकों की हालत सुधर सकती है. | |
| एनर्जी | Waaree Energies | अमेरिका को निर्यात से कमाई बढ़ सकती है. |
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




