India-USA ट्रेड डील का अंतरिम ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी, भारत को मिलेगा 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार, जानें अमेरिका को क्या होने वाला है फायदा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार रिश्तों में एक बड़ा कदम उठाया गया है. दोनों देशों ने एक अंतरिम ट्रेड structure तय किया है, जिससे आगे चलकर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता यानी BTA किया जाएगा. इस समझौते में टैरिफ घटाने, डिजिटल ट्रेड को आसान बनाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं.
India-USA trade deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार रिश्तों में एक बड़ा कदम उठाया गया है. दोनों देशों ने एक अंतरिम ट्रेड structure तय किया है, जिससे आगे चलकर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता यानी BTA किया जाएगा. इस समझौते में टैरिफ घटाने, डिजिटल ट्रेड को आसान बनाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं. Donald Trump और Narendra Modi के बीच शुरू हुई बातचीत का यह अगला चरण माना जा रहा है. सरकार का कहना है कि इससे कारोबार को फायदा मिलेगा और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस समझौते में क्या तय हुआ है और इसका असर किन सेक्टर पर पड़ सकता है.
क्या तय हुआ इस अंतरिम फ्रेमवर्क में
India और United States ने कहा है कि वे इस structure को जल्दी लागू करेंगे. इसके बाद अंतिम अंतरिम समझौता होगा और फिर पूरा BTA किया जाएगा. अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि बातचीत के दौरान भारतीय सामानों पर और टैरिफ घटाने पर विचार किया जाएगा.
किन चीजों पर टैरिफ घटेगा
इस structure के तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कृषि प्रोडक्ट पर शुल्क कम करेगा या खत्म करेगा. इनमें पशु आहार का अनाज, ड्राई फ्रूट, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और शराब शामिल हैं. बदले में अमेरिका भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा, जो पहले से कम है.
आगे राहत की उम्मीद
ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया है कि अगर अंतरिम समझौता सफल रहा, तो अमेरिका कई वस्तुओं पर यह शुल्क पूरी तरह हटा सकता है. इनमें जेनेरिक दवाइयां, हीरे और विमान के पुर्जे जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं. हालांकि स्टील और एल्युमिनियम जैसे धातु प्रोडक्ट पर ऊंचा टैरिफ फिलहाल जारी रहेगा.
डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन पर जोर
दोनों देश डिजिटल कारोबार से जुड़ी दिक्कतें कम करने और नए नियम बनाने पर सहमत हुए हैं. साथ ही सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और निवेश नियमों में तालमेल बढ़ाने की बात भी कही गई है. भारत ने अमेरिकी मेडिकल उपकरणों और तकनीकी सामानों के लिए कुछ अड़चनें हटाने का वादा किया है. भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से बड़ी मात्रा में Energy products, विमान, तकनीकी सामान और कोयला खरीदने की इच्छा जताई है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और बढ़ सकता है.
Piyush Goyal का बयान
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि यह समझौता किसानों, डेयरी और संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा करता है और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाएगा. यह अंतरिम ट्रेड structure भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. आने वाले महीनों में जब पूरा समझौता होगा, तब साफ होगा कि इससे दोनों देशों के इंडस्ट्री और निर्यातकों को कितना फायदा मिलेगा.
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