India- USA Trade Deal अंतरिम फ्रेमवर्क जारी होते ही भागे ज्वैलरी स्टॉक्स, Kalyan Jewellers, Senco Gold, Titan के शेयरों में भारी उछाल
India US Trade Deal के बाद ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. Titan, Kalyan Jewellers, Senco Gold और PC Jewellers जैसे शेयर 2 फीसदी से 12 फीसदी तक चढ़े. Trade Deal के फ्रेमवर्क से टैरिफ को लेकर स्पष्टता आई है, जिससे एक्सपोर्ट आधारित ज्वेलरी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
Jewellery Stocks Rally: सोमवार, 9 फरवरी को India- US Trade Deal की अंतरिम फ्रेमवर्क घोषणा के बाद ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. Titan, Kalyan Jewellers, Senco Gold और PC Jewellers समेत कई शेयरों में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई. भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क जारी किया है. इस समझौते से एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स को टैरिफ को लेकर स्पष्टता मिली है. जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर को इस डील का सबसे बड़ा फायदा होने की उम्मीद है. इसी उम्मीद में निवेशकों का रुझान ज्वेलरी शेयरों की ओर बढ़ा.
फ्रेमवर्क जारी होने के बाद तेजी
फ्रेमवर्क जारी होने के बाद India- US Trade Deal के तहत टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता काफी हद तक कम हुई है. ज्वेलरी सेक्टर एक एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर है, जिसे अमेरिका जैसे बड़े बाजार से सीधा फायदा मिलता है. अमेरिका भारतीय ज्वेलरी एक्सपोर्ट का प्रमुख कंजम्पशन मार्केट है. नई व्यवस्था से मैन्युफैक्चरर्स, एक्सपोर्टर्स और संगठित रिटेलर्स का भरोसा मजबूत हुआ है. निवेशकों को सेक्टर के मिड टर्म ग्रोथ आउटलुक में सुधार की उम्मीद दिखी है.
इन कंपनियों में दिखी तेजी
ज्वेलरी सेक्टर के कई शेयरों में सोमवार को तेज उछाल दर्ज किया गया. Kalyan Jewellers के शेयर करीब 11.7 फीसदी तक चढ़कर 424.30 रुपये पर पहुंच गए. Senco Gold में करीब 7 फीसदी की तेजी रही और शेयर 355.75 रुपये तक पहुंचा. P N Gadgil Jewellers के शेयर करीब 6 फीसदी बढ़कर 582.15 रुपये हो गए. Thangamayil Jewellery में 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि PC Jeweller करीब 4 फीसदी और Titan Company करीब 2 फीसदी चढ़ा. हालांकि अभी सभी शेयरों में हल्की सी गिरावट देखी जा रही है.
ज्वेलरी के लिए US बड़ा मार्केट
अमेरिका भारतीय ज्वेलरी एक्सपोर्ट के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है. बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियां अमेरिका को सोना, हीरा और अन्य ज्वेलरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती हैं. बीते कुछ वर्षों में टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण एक्सपोर्ट पर असर पड़ा था. Trade Deal से टैरिफ को लेकर स्पष्टता आने से एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद है. इससे ग्लोबल एक्सपोजर रखने वाली कंपनियों को सीधा फायदा मिल सकता है.
ये भी पढ़ें- NTPC छोड़िए… ये 3 छोटी कंपनियां बन सकती हैं बड़े विजेता, 2047 तक 100 GW का सपना, 20000 करोड़ के न्यूक्लियर PLI
टैरिफ फ्रेमवर्क में क्या हुआ तय
ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करेगा. इसमें ज्वेलरी, टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर और अन्य सेक्टर शामिल हैं. साथ ही भविष्य में कई उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने का संकेत भी दिया गया है. इसके बदले भारत अमेरिका से फूड, एग्रीकल्चर और अन्य सेक्टर्स में टैरिफ कटौती देगा. भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद का भी भरोसा दिया है.
इंडस्ट्री को मिलेगा लंबी अवधि का फायदा
इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि टैरिफ पर स्पष्टता से जेम्स और ज्वेलरी एक्सपोर्ट को नई रफ्तार मिल सकती है. बीते वर्षों में कट और पॉलिश्ड डायमंड के कारोबार में 60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी. टैरिफ में राहत से एक्सपोर्ट दोबारा बढ़ने की उम्मीद है. इससे मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी. लंबी अवधि में यह कदम भारतीय ज्वेलरी सेक्टर को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बना सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




