भारत-अमेरिका ट्रेड डील से GIFT Nifty 791 अंक उछला, क्या अब FIIs करेंगे वापसी, मंगलवार के बाजार से बढ़ी उम्मीदें
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं. GIFT Nifty में करीब 791 अंकों की तेजी दर्ज की गई है, जिससे दलाल स्ट्रीट में मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है. टैरिफ कटौती और ट्रेड अनिश्चितता के कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है.
GIFT NIFTY Rally After India-US Deal: काफी समय से अनिश्चितता और दबाव में चल रहे भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की देर रात खुशखबरी लेकर आई. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति की खबर के बाद GIFT Nifty में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. NSE IX पर GIFT Nifty करीब 791.50 अंक यानी 3.15 फीसदी उछलकर 25,896 के स्तर पर पहुंच गया. इससे साफ संकेत मिला कि दलाल स्ट्रीट में कल यानी मंगलवार, 3 फरवरी को मजबूत शुरुआत हो सकती है और विदेशी निवेशक बाजार में वापसी कर सकते हैं.
ट्रंप-मोदी बातचीत के बाद बनी सहमति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्रेड और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने जैसे मुद्दों पर बातचीत की है. ट्रंप के मुताबिक इस बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच एक नई ट्रेड डील पर सहमति बनी है. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया है. वहीं भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को घटाकर शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
लंबे समय से बाजार पर भारी थी अनिश्चितता
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता पिछले कई महीनों से भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थी. जनवरी महीने में ही निफ्टी 1,000 अंकों से ज्यादा टूट गया था. इस साल अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने करीब 4 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेच दिए थे. सितंबर पिछले साल से ही ट्रेड डील की उम्मीद बाजार में शामिल थी, लेकिन लगातार देरी ने निवेशकों की भावनाओं को कमजोर कर दिया.
2025 में क्यों पिछड़ा भारतीय बाजार
भले ही भारतीय बाजार ने हाई सिंगल-डिजिट रिटर्न दिए हों, लेकिन इसके बावजूद 2025 में इसे दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला बाजार में से एक कहा गया. वजह यह रही कि विदेशी निवेशकों ने करीब 18 अरब डॉलर की भारी बिकवाली की. इसके साथ ही ऊंचे टैरिफ और रुपये की लगातार कमजोरी ने भी बाजार के प्रदर्शन पर दबाव बनाया.
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किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड डील में प्रगति भारतीय शेयरों के लिए हमेशा सकारात्मक रही है, और यही असर अब GIFT Nifty की तेजी में दिख रहा है. इस समझौते से खासतौर पर एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टरों को फायदा मिल सकता है. टेक्सटाइल और फिशरी जैसे सेक्टर, जो ऊंचे टैरिफ के कारण दबाव में थे, अब राहत महसूस कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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