Atomic Energy Bill आते ही शुरू होगी मेगा रैली! न्यूक्लियर बिजनेस से जुड़ी हैं ये 5 कंपनियां; अभी से रखें रडार में
भारत की ऊर्जा नीति में एक ऐसा मोड़ आने वाला है, जो आने वाले वर्षों में कई सेक्टरों की तस्वीर बदल सकता है. सरकार के नए कदम और उससे जुड़े उद्योगों की गतिविधियों को लेकर बाजार में तेज चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं. क्या इसका सीधा असर कुछ चुनिंदा कंपनियों पर दिखेगा?
भारत आने वाले वर्षों में अपनी ऊर्जा नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने जा रहा है. सरकार ने घोषणा की है कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र, जो दशकों से केवल सरकारी नियंत्रण में था, अब निजी कंपनियों के लिए खोला जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया घोषणा और 1 दिसंबर से शुरू हो रहे, संसद के शीतकालीन सत्र में Atomic Energy Bill 2025 का प्रस्ताव किए जाना इस दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके साथ ही भारत ने 2047 तक न्यूक्लियर एनर्जी की 100 गीगावाट (GW) क्षमता हासिल करने का टारगेट भी तय किया है.
यह लक्ष्य न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को नई दिशा देगा, बल्कि लिस्टेड कंपनियों के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा. ऐसे में आने वाले महीनों में कुछ प्रमुख कंपनियों में तेज हलचल दिख सकती है.
Larsen & Toubro (L&T)
न्यूक्लियर एनर्जी के विस्तार से सबसे सीधा फायदा L&T को मिल सकता है. कंपनी भारत की सबसे बड़ी EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) कंपनियों में से एक है और दुनिया भर में जटिल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स संभालने के लिए जानी जाती है.
L&T का हेवी इंजीनियरिंग डिविजन रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर और न्यूक्लियर प्लांट्स के लिए जरूरी हाई-टेक फोर्जिंग बनाने में माहिर है. कंपनी पहले से ही न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के साथ कई महत्वपूर्व प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है.
वित्तीय दृष्टि से भी L&T बेहद मजबूत स्थिति में है. FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹2,557 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि PAT (Profit After Tax) 13.6% बढ़कर ₹176.8 बिलियन पर रहा. कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 6.13 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसमें न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर की भी भूमिका है.
हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में कंपनी ने 75% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है. लगातार मजबूत ऑर्डर इंफ्लो और समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी ने कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 13% के आस-पास बनाए रखा है. आने वाले वर्षों में L&T अपनी कंस्ट्रक्शन और माइनिंग सेगमेंट में 20% की ग्रोथ का लक्ष्य रखती है और अगले 5 साल में सेल्स को दोगुना करने का इरादा जताती है. कंपनी के शेयरों ने बीते पांच वर्षों में 256.9 फीसदी का रिटर्न दिया है. मौजूदा वक्त में इसके शेयर 4069 रुपये रही.
NTPC
NTPC देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है और वर्षों से भारत की बिजली जरूरतों का सबसे बड़ा स्तंभ रही है. लेकिन अब कंपनी कोयले से आगे बढ़कर न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी में तेजी से विस्तार कर रही है. NTPC ने NPCIL के साथ मिलकर 2,800 MW का Mahi Banswara प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना बनाई है. इसके अलावा कंपनी ने अपना न्यूक्लियर डिविजन NTPC ParmanU Urja Nigam Ltd नाम से स्थापित किया है, जो आने वाले वर्षों में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को संभालेगा.
भारत के 2047 तक 100 GW के न्यूक्लियर लक्ष्य में से 30 GW योगदान देने का लक्ष्य NTPC ने खुद रखा है. कंपनी के लिए यह बदलाव न केवल नए राजस्व स्रोत खोलेगा बल्कि इसकी ऊर्जा पोर्टफोलियो को भी विस्तृत करेगा.
FY25 में NTPC ने 1,849 बिलियन रुपये का रेवेन्यू हासिल किया और NET Profit ₹239.5 बिलियन रहा. यह कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा उत्पादन साल था, 439 BUs बिजली का उत्पादन हुआ. कम ऑपरेटिंग लागत, स्थिर टैरिफ और कुशल प्लांट मैनेजमेंट इसकी मजबूतियों में शामिल हैं.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में 960 बिलियन रुपये के निवेश का ऐलान किया है, जिसमें ₹800 बिलियन 4,200 MW के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के लिए अलग रखे गए हैं. इससे NTPC आने वाले समय में न्यूक्लियर सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन सकती है. 5 वर्षों में 244 फीसदी रिटर्न देने वाली इस कंपनी के शेयर मौजूदा वक्त में 326 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं.
BHEL
Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) देश की उन कुछ कंपनियों में से है जो परमाणु ऊर्जा के तीनों चरणों पर काम करने की क्षमता रखती हैं. कंपनी ने NPCIL के साथ मिलकर PHWR टेक्नोलॉजी आधारित न्यूक्लियर प्लांट्स में अवसर तलाशने के लिए MoU साइन किया है.
BHEL की भूमिका इसलिए और महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परमाणु प्लांट्स के प्राथमिक और सेकेंडरी दोनों सिस्टम के लिए मशीनरी बनाती है, Reactor Headers, End Shields, Steam Turbines, Heat Exchangers, Generators आदि. कंपनी देश की कुल न्यूक्लियर इंस्टॉल्ड क्षमता का लगभग 50% हिस्सा टरबाइन-जनरेटर सेट्स के माध्यम से संभालती है.
न्यूक्लियर क्षेत्र के निजीकरण और विस्तार से BHEL को भारी लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि नए प्लांट्स में भारी उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ेगी. कंपनी की पांच दशक की विशेषज्ञता उसे इस क्षेत्र में सबसे मजबूत दावेदार बनाती है. कंपनी के स्टॉक ने बीते 5 वर्षों में 773 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं, शुक्रवार को शेयर 290 रुपये पर बंद हुए.
Engineers India Ltd (EIL)
Engineers India Ltd लंबे समय तक तेल और गैस, केमिकल्स और रिफाइनरी क्षेत्रों में इंजीनियरिंग और कंसल्टिंग सेवाएं देती रही है. लेकिन अब कंपनी ने न्यूक्लियर सेक्टर में भी कदम रखा है.
12 अगस्त 2025 को कंपनी ने NPCIL के साथ Bharat Small Modular Reactors (SMRs) पर काम करने के लिए एक महत्वपूर्ण MoU साइन किया है. SMRs भविष्य की न्यूक्लियर तकनीक मानी जा रही है, कम लागत, कम जगह और उच्च सुरक्षा इनके मुख्य फायदे हैं. FY25 में कंपनी का रेवेन्यू थोड़ा गिरा लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹5.1 बिलियन हो गया. नेट प्रॉफिट भी लगभग ₹3.6 बिलियन रहा. एक्सपोर्ट ऑर्डर और रिपीट क्लाइंट्स ने कंपनी की स्थिरता बनाए रखने में मदद की.
न्यूक्लियर सेक्टर की एंट्री EIL के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि यह उसे इंजीनियरिंग कंसल्टिंग के एक नए हाई-टेक और हाई-मार्जिन सेगमेंट में ले जाती है. कंपनी के शेयरों ने बीते पांच वर्षों में 163 फीसदी का रिटर्न दिया है. मौजूदा वक्त में कंपनी के शेयरों का भाव 196 रुपये है.
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Tata Power
Tata Power पारंपरिक बिजली, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ देश की सबसे उन्नत यूटिलिटी कंपनियों में से है. लेकिन हाल के वर्षों में कंपनी ने NPCIL के साथ न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स पर साझेदारी करते हुए इस क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत की है.
FY25 में Tata Power ने ₹654 बिलियन का रेवेन्यू कमाया और नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹47.7 बिलियन रहा. कंपनी की 44% क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा से आती है. 2045 तक 100% ग्रीन एनर्जी पर आधारित कंपनी बनने की इसकी योजना में न्यूक्लियर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है.
कंपनी की EPC क्षमताएं और ऊर्जा प्रबंधन का अनुभव इसे नए न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में प्राकृतिक दावेदार बनाता है. बीते पांच साल में कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 495 फीसदी लगभग का रिटर्न दिया है. बीते शुक्रवार कंपनी के शेयर 390 रुपये पर बंद हुए.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.