SME प्लेटफॉर्म पर सख्ती बढ़ाएगा SEBI, निवेशकों की सुरक्षा के साथ आसान होंगे नियम, जानें सेबी चीफ ने क्या बताया
सेबी ने SME प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए नियमों को सख्त करने और कंप्लायंस आसान बनाने की योजना बनाई है. इसके लिए एक डेडिकेटेड SME पोर्टल भी लॉन्च होगा. मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियों को ही बाजार पहुंच मिलेगी. FY25-26 में SME IPO के जरिए 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड जुटाया गया है.
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) प्लेटफॉर्म के बढ़ते महत्व के बीच इसके मिसयूज के मामलों पर चिंता जताई है. सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि कुछ कंपनियों द्वारा फंड डायवर्जन और मार्केट मैनिपुलेशन जैसी “गंभीर घटनाएं” सामने आई हैं जिससे निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सेबी ने नियमों को और सख्त किया है ताकि मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियां ही पब्लिक मार्केट तक पहुंच सकें. सेबी का मानना है कि आने वाले दो दशकों में इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी ट्रांजिशन, हाउसिंग और सर्विस सेक्टर में बड़े निवेश की जरूरत होगी, जिसे सिर्फ बैंकिंग सिस्टम से पूरा करना संभव नहीं है. ऐसे में SME प्लेटफॉर्म फंड जुटाने का महत्वपूर्ण जरिया बनकर उभर सकता है.
नियमों की समीक्षा और पारदर्शिता पर जोर
India SME Finance & Investment Summit में बोलते हुए पांडेय ने बताया कि सेबी Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) नियमों की व्यापक समीक्षा कर रहा है. इसका उद्देश्य अनावश्यक जटिलताओं और अस्पष्टता को खत्म करना है. साथ ही SMEs पर लागू डिस्क्लोजर और रेगुलेटरी नियमों को भी आसान बनाने पर काम हो रहा है ताकि कारोबार करना सरल हो और निवेशकों की सुरक्षा भी बनी रहे.
SME के लिए फाइनेंसिंग का नया मॉडल
सेबी प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय में SMEs को पूंजी जुटाने के लिए मल्टी-लेयर फाइनेंसिंग मॉडल अपनाना होगा. इसमें वर्किंग कैपिटल के लिए बैंक क्रेडिट, ग्रोथ के लिए इक्विटी और विस्तार के लिए मार्केट-बेस्ड डेट शामिल होगी. उन्होंने कहा कि बेहतर गवर्नेंस, पारदर्शिता और विश्वसनीयता ही तय करेगी कि SMEs पूंजी बाजार से कितना फंड जुटा पाएंगे.
डेडिकेटेड SME पोर्टल की तैयारी
कंप्लायंस को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सेबी स्टॉक एक्सचेंजों के साथ मिलकर एक डेडिकेटेड SME पोर्टल लॉन्च करने की योजना बना रहा है. यह प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए एक सिंगल डिजिटल गेटवे होगा, जहां कंप्लायंस से जुड़ी जानकारी और स्पष्ट गाइडेंस उपलब्ध होगी. इसका मकसद SMEs के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाना और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
IPO के जरिए मजबूत फंड जुटा
आंकड़ों के अनुसार, SME सेगमेंट में फंडरेजिंग मजबूत बनी हुई है. वित्त वर्ष 2025 में 241 SME IPO के जरिए करीब 9,800 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि FY26 में 31 जनवरी तक 232 IPO से लगभग 10,500 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं. सेबी ने बताया कि स्टॉक एक्सचेंज अब मर्चेंट बैंकर और प्रमोटर्स के साथ गहन जांच, साइट विजिट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं ताकि ऑफर डॉक्यूमेंट्स की जांच और मंजूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके.
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