संदिग्ध कॉल पर OTP डिटेक्ट होते ही अलर्ट! Airtel ने लॉन्च किया AI Fraud Alert, बैंकिंग ठगों पर होगी सख्ती
डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच एयरटेल ने AI आधारित नया फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है. यह फीचर संदिग्ध कॉल के दौरान OTP डिटेक्ट होते ही यूजर को तुरंत चेतावनी देता है. फिलहाल हरियाणा में शुरू हुई यह सेवा जल्द ही पूरे देश में लागू की जाएगी.
Airtel AI Fraud OTP Alert: आज के समय में डिजिटल फ्रॉड की खबरें आम हो गई हैं. खासकर OTP से जुड़े बैंकिंग घोटाले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए भारती एयरटेल ने एक नया AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है. यह फीचर फिलहाल हरियाणा में शुरू किया गया है और कंपनी का कहना है कि अगले दो हफ्तों में इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा.
क्या है नया AI फ्रॉड अलर्ट सिस्टम?
ठगी करते वक्त अक्सर ठग खुद को डिलीवरी एजेंट, बैंक कर्मचारी या कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के तौर पर पेश करते हैं. वे ग्राहक को भरोसे में लेकर या डर दिखाकर बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP मांग लेते हैं. जैसे ही ग्राहक OTP शेयर करता है, उसके बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं. एयरटेल का नया AI सिस्टम इसी खतरे को रोकने के लिए बनाया गया है. यह तकनीक कॉल के दौरान संदिग्ध गतिविधि को पहचान सकती है और तुरंत यूजर को अलर्ट भेजती है.
यह सिस्टम काम कैसे करता है?
अगर किसी इनकमिंग कॉल के दौरान बैंक से जुड़ा OTP डिटेक्ट होता है और कॉल संदिग्ध लगती है, तो एयरटेल तुरंत स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाता है. इस अलर्ट में साफ लिखा होता है कि कॉल पर OTP शेयर करना खतरनाक हो सकता है. इसका फायदा यह है कि यूजर को तुरंत सतर्क होने का मौका मिल जाता है. वह थोड़ी देर रुककर स्थिति समझ सकता है और जल्दबाजी में OTP बताने से बच सकता है. कई बार ठग मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों से गलती करवाते हैं, ऐसे में यह रियल-टाइम अलर्ट बड़ा सहारा बन सकता है.
नेटवर्क लेवल पर काम करेगी तकनीक
एयरटेल के मुताबिक यह सिस्टम नेटवर्क लेवल पर काम करता है और अपने आप संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर कार्रवाई करता है. कंपनी ने इसे लॉन्च से पहले व्यापक परीक्षण से गुजारा है और दावा किया है कि यह काफी सटीक तरीके से फ्रॉड की पहचान कर सकता है. एयरटेल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शश्वत शर्मा ने कहा कि यह AI बेस्ड ऑटोमैटिक सॉल्यूशन रियल टाइम में धोखाधड़ी को पहचानने और रोकने के लिए तैयार किया गया है और इसके परीक्षण में अच्छे नतीजे सामने आए हैं.
पहले भी उठाए गए हैं कदम
पिछले दो वर्षों में एयरटेल ने कई AI बेस्ड सेफ्टी फीचर्स शुरू किए हैं, जैसे स्पैम कॉल अलर्ट और खतरनाक लिंक को ब्लॉक करना. इन उपायों का असर भी देखने को मिला है. गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल के नेटवर्क पर साइबर फ्रॉड से होने वाले आर्थिक नुकसान में करीब 68.7 फीसदी की कमी आई है. वहीं साइबर क्राइम की घटनाओं में भी लगभग 14.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
फिर भी सतर्क रहना जरूरी
हालांकि नई तकनीक धोखाधड़ी रोकने में मदद कर रही है, लेकिन ठग लगातार नए तरीके अपनाते रहते हैं. वे नकली पहचान और मानसिक दबाव का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में किसी भी कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी या OTP साझा करने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. एयरटेल का नया AI फ्रॉड अलर्ट सिस्टम डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है लेकिन इसके साथ लोगों को अपने स्तर पर भी सावधानी बरतनी होगी.
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