ये कंपनी बनेगी अगली L&T ? नामात्र का कर्ज, तिमाही नतीजे शानदार, एक साल से शेयरों में हलचल!
कंपनी मानती है कि ग्रोथ के साथ मार्जिन में अपने आप तेज उछाल आए ऐसा जरूरी नहीं है. इंटरनल एफिशिएंसी से सपोर्ट मिलेगा लेकिन नई हायरिंग, एक्सपोर्ट पर निवेश और नई क्षमताओं पर खर्च से मार्जिन मोटे तौर पर स्थिर रह सकते हैं. कई बार स्थिर मार्जिन भी मजबूत डिसिप्लिन का संकेत होते हैं.
L&T जैसे शेयर निवेशकों को खूब भाते हैं. इसकी वजह है कंपनी का बिजनेस मॉडल, बैलेंस शीट और भविष्य का बेहतर प्लानिंग. इसके शेयरों ने निवेशकों को जमकर रिटर्न दिया है. अब इसी क्रम में Interarch Building Solutions तेजी से उभर रही है और इसी वजह से इसे बाजार में संभावित ‘Next L&T’ कहा जाने लगा है. मजे की बात तो ये है कि इस कंपनी पर कर्ज नामात्र का है. ऐसा हो सकता है एक-दो तिमाही तक कंपनी पूरी तरह से डेट फ्री हो जाए. कंपनी के शेयरों ने पिछले एक साल में 34 फीसदी तक का रिटर्न दिया है. अभी इसके शेयर 2100 रुपये के आस-पास कारोबार कर रहे हैं.
Interarch क्या करती है
Interarch उन फिजिकल स्ट्रक्चर्स का निर्माण करती है जिन पर इंडस्ट्रियल ग्रोथ टिकी होती है. कंपनी फैक्ट्रियां, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स हब और डेटा सेंटर जैसी इंडस्ट्रियल इमारतों के लिए स्टील स्ट्रक्चर डिजाइन करती है और उन्हें खड़ा भी करती है. जब कोई कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करती है, तो सबसे पहले फिजिकल कैपेसिटी बनानी पड़ती है और यहीं Interarch की भूमिका अहम हो जाती है. कंपनी का ज्यादातर काम प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग मॉडल पर होता है, जिसमें डिजाइन, फैब्रिकेशन और इंस्टॉलेशन एक ही कंपनी संभालती है. इससे ग्राहकों को कम समय में प्रोजेक्ट पूरा होने, लागत पर बेहतर कंट्रोल और कम एग्जीक्यूशन रिस्क का फायदा मिलता है.
नंबर्स भी दे रहे हैं संकेत
Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल 43.7 प्रतिशत बढ़कर 522.5 करोड़ रुपये पहुंच गया. इसी दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट 43.2 प्रतिशत बढ़कर 50.3 करोड़ रुपये रहा. 31 जनवरी 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 1,685 करोड़ रुपये की थी, जो आने वाले कुछ क्वार्टर के लिए मजबूत विजिबिलिटी देती है. हालांकि सिर्फ अच्छे नतीजे पूरी कहानी नहीं बताते. कंपनी पर नामात्र का कर्ज है.
आगे ग्रोथ थोड़ी धीमी लेकिन बिजनेस ज्यादा बड़ा
FY27 के लिए कंपनी 12 से 15 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान दे रही है, जो पहले की तुलना में कम है. हालांकि इसकी वजह कमजोर मांग नहीं बल्कि ऊंचा बेस है. एब्सोल्यूट नंबर्स में देखें तो रेवेन्यू आराम से 2,000 करोड़ रुपये के पार जा सकता है. लॉन्ग टर्म में कंपनी FY28 तक करीब 2,500 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य बनाए हुए है और अतिरिक्त कैपेसिटी के साथ यह आंकड़ा इससे भी ऊपर जा सकता है.
कैपेसिटी प्लान से झलकता है भरोसा
आंध्र प्रदेश प्लांट का फेज टू तेजी से आगे बढ़ रहा है जबकि गुजरात में नया प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग प्लांट और हेवी स्टील स्ट्रक्चर का विस्तार FY27 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है. कंपनी के मुताबिक हर फुली इंटीग्रेटेड प्लांट की रेवेन्यू क्षमता करीब 500 से 550 करोड़ रुपये होती है. मौजूदा प्लांट करीब 2,000 करोड़ रुपये की कैपेसिटी सपोर्ट करते हैं. पांचवां प्लांट इसे 2,500 करोड़ रुपये तक ले जाएगा और छठा प्लांट आने पर यह क्षमता और बढ़ सकती है.
कैपेक्स जानबूझकर आगे बढ़ाया जा रहा है
Interarch मौजूदा प्रोजेक्ट्स पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना में है. इसके अलावा हेवी स्ट्रक्चर और छठे प्लांट के लिए 125 से 130 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैपेक्स प्लान किया गया है. प्रस्तावित QIP का मकसद वर्किंग कैपिटल नहीं बल्कि विस्तार को तेज करना है, जो कंपनी की ग्रोथ अप्रोच को दिखाता है.
मार्जिन को लेकर मैनेजमेंट का नजरिया
कंपनी मानती है कि ग्रोथ के साथ मार्जिन में अपने आप तेज उछाल आए ऐसा जरूरी नहीं है. इंटरनल एफिशिएंसी से सपोर्ट मिलेगा लेकिन नई हायरिंग, एक्सपोर्ट पर निवेश और नई क्षमताओं पर खर्च से मार्जिन मोटे तौर पर स्थिर रह सकते हैं. कई बार स्थिर मार्जिन भी मजबूत डिसिप्लिन का संकेत होते हैं.
बाजार अभी क्या नजरअंदाज कर रहा है
पिछले एक साल में कंपनी की कमाई बढ़ी है लेकिन स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल घटकर करीब 25 गुना अर्निंग्स पर आ गया है, जो इसके हालिया औसत के आसपास है. आमतौर पर कैपिटल गुड्स शेयर तब रीरेट होते हैं जब बाजार को ग्रोथ के लंबे समय तक टिके रहने का भरोसा हो जाता है. अगर Interarch अपनी कैपेसिटी योजनाओं पर सही तरीके से डिलीवर करती है और प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग सेगमेंट तेजी से बढ़ता है, तो मौजूदा वैल्यूएशन भविष्य में आकर्षक लग सकता है.
साइकल के साफ दिखने से पहले तैयारी
गाइडेंस में उछाल, समय से पहले कैपेसिटी निर्माण, आगे बढ़ाया गया कैपेक्स और कर्ज मुक्त बैलेंस शीट, ये सभी संकेत एक ही दिशा में इशारा करते हैं. भले ही कोई गारंटी न हो, लेकिन इतना साफ है कि कंपनी उस साइकल के लिए तैयारी कर रही है जिसे बाजार शायद अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है. अक्सर जब साइकल सबको साफ नजर आने लगता है, तब तक तैयार कंपनियां काफी आगे निकल चुकी होती हैं. Interarch भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ती दिख रही है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




