Ixigo की पेरेंट कंपनी का शेयर उछलेगा 30 फीसदी, JM Financial ने बाय रेटिंग के साथ लगाया दांव, जानें- क्या है वजह

ब्रोकरेज ने बताया कि नवंबर 2025 के आखिर से ixigo का स्टॉक करीब 20 फीसदी गिर गया है, जिसकी वजह शॉर्ट-टर्म ग्रोथ और मार्जिन को लेकर चिंताएं हैं. ixigo से ग्रोथ की रफ्तार फिर से हासिल करने की उम्मीद है, जिसे टियर-2 और छोटे शहरों में बेहतर एयर कनेक्टिविटी से सपोर्ट मिलेगा.

ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी शेयर आउटलुक. Image Credit: Getty image

ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर Ixigo की पेरेंट कंपनी Le Travenues Technology के शेयर 13 जनवरी को 7 फीसदी से अधिक बढ़कर इंट्राडे हाई 227.50 रुपये पर पहुंच गए. दरअसल, JM Financial ने स्टॉक को ‘बाय’ रेटिंग दी और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर 275 रुपये प्रति शेयर कर दिया. ब्रोकरेज के टारगेट का मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है. जेएम फाइनेंशियल ने प्रति शेयर 275 रुपये का रिवाइज्ड टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से लगभग 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि पहले टारगेट 300 रुपये था, जिसे अब कम कर दिया गया है.

क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

ब्रोकरेज ने बताया कि नवंबर 2025 के आखिर से ixigo का स्टॉक करीब 20 फीसदी गिर गया है, जिसकी वजह शॉर्ट-टर्म ग्रोथ और मार्जिन को लेकर चिंताएं हैं. इनमें FY26 के दूसरे हाफ में फ्लाइट्स बिजनेस में थोड़ी धीमी ग्रोथ की उम्मीदें शामिल हैं, जो अस्थायी एयर इंडस्ट्री की दिक्कतों और पिछले साल कुंभ मेले से जुड़ी ट्रैवल डिमांड के कारण अनफेवरेबल बेस इफेक्ट की वजह से है. साथ ही, टेक्नोलॉजी में बढ़े हुए इन्वेस्टमेंट, सप्लाई-साइड एक्सपेंशन और अपने होटल्स OTA बिजनेस के लिए प्रमोशन के बीच मार्जिन को लेकर अनिश्चितता भी एक वजह है.

तेज ग्रोथ के लिए तैयार है कंपनी?

जेएम फाइनेंशियल का मानना ​​है कि ये चुनौतियां एक स्ट्रक्चरल समस्या के बजाय अस्थायी कमाई और सेंटीमेंट पर असर डाल रही हैं. ब्रोकरेज ने कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि अगले कुछ क्वार्टर में मौजूदा स्थिति आसान हो जाएगी.’ साथ ही कहा कि ixigo मीडियम से लॉन्ग टर्म में अपने कॉम्पिटिटर्स की तुलना में तेजी से बढ़ने के लिए अच्छी स्थिति में है.

कमाई के अनुमानों में कटौती

हालांकि, ब्रोकरेज ने FY26-28 के लिए अपनी कमाई के अनुमानों में 4-8 फीसदी की कटौती की और अपने टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 65x से घटाकर 60x कर दिया, लेकिन उसने कहा कि हालिया गिरावट से स्टॉक का रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल काफी बेहतर हुआ है, जिससे रेटिंग को ‘रिड्यूस’ से बढ़ाकर ‘बाय’ कर दिया गया है.

मजबूत ब्रांड पहचान

एयर ट्रैवल सेगमेंट पर JM फाइनेंशियल ने कहा कि हाल ही में इंडस्ट्री में जो दिक्कतें आईं, जो मुख्य रूप से दिसंबर 2025 की शुरुआत में देखी गईं. वे ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTAs) के लिए स्ट्रक्चरल नहीं हैं, क्योंकि यात्रियों की डिमांड मजबूत बनी हुई है. जैसे-जैसे हालात सामान्य होंगे, ixigo से ग्रोथ की रफ्तार फिर से हासिल करने की उम्मीद है, जिसे टियर-2 और छोटे शहरों में बेहतर एयर कनेक्टिविटी से सपोर्ट मिलेगा, जहां कंपनी को अपनी यूटिलिटी-लेड ऑफर्स और क्षेत्रीय भाषा सपोर्ट की वजह से मजबूत ब्रांड पहचान मिली हुई है.

हाई बेस इफेक्ट

ब्रोकरेज ने FY25 के दूसरे हाफ में कुंभ मेले से जुड़ी ट्रैवल डिमांड से हाई बेस इफेक्ट की भी बात कही है, जिससे साल-दर-साल ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू (GTV) ग्रोथ देखने में थोड़ी धीमी रह सकती है. खासकर FY26 के मार्च क्वार्टर में. हालांकि, उसे उम्मीद है कि FY27 के पहले क्वार्टर से ग्रोथ रेट नॉर्मल हो जाएंगे, जब बेस इफेक्ट पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

लॉन्ग-टर्म आउटलुक

JM फाइनेंशियल ixigo के मीडियम से लॉन्ग-टर्म आउटलुक को लेकर पॉजिटिव है. यह देखते हुए कि भारत का ट्रैवल इकोसिस्टम बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और अफोर्डेबिलिटी जैसे स्ट्रक्चरल पॉजिटिव ट्रेंड्स से लगातार फायदा उठा रहा है. उम्मीद है कि ये ट्रेंड टियर-2 और छोटे शहरों में अधिक साफ दिखेंगे, जहां डिमांड ग्रोथ टियर-1 मार्केट से ज्यादा है और यह एक ऐसा एरिया है जहां ixigo की मजबूत पकड़ है.

यह भी पढ़ें: रूसी तेल खरीद में तीसरे नंबर पर फिसला भारत, एक महीने में 30% घटा इंपोर्ट; ट्रंप की सख्ती का असर!

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.