Meesho की बढ़ीं मुश्किलें! इनकम टैक्स से मिला ₹1500 करोड़ का नोटिस, हाई से 40% टूट चुका शेयर; क्या और गिरेगा?

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आयकर विभाग की ओर से करीब 1,500 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है. कंपनी ने कहा है कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे चुनौती देगी. इससे पहले भी कंपनी को इसी तरह का नोटिस मिला था, जिस पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी.

मीशो को मिला नोटिस Image Credit: @Money9live

Meesho Income Tax Notice: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho को आयकर विभाग की ओर से बड़ा झटका लगा है. कंपनी को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला है. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इसे कानूनी रूप से चुनौती देने की तैयारी कर रही है.

1500 करोड़ रुपये का नोटिस!

कंपनी के मुताबिक यह नोटिस इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 156 के तहत जारी किया गया है. इसके साथ ही आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने सेक्शन 143(3) के तहत एक असेसमेंट ऑर्डर भी जारी किया है. विभाग ने कंपनी से 14,99,73,82,840 रुपये, यानी लगभग 1,500 करोड़ रुपये के टैक्स भुगतान की मांग की है. इस राशि में ब्याज भी शामिल है.

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मीशो ने क्या कहा?

मीशो का कहना है कि असेसमेंट ऑर्डर में जो ऑब्जर्वेशन और एडजस्टमेंट किए गए हैं, उनसे कंपनी सहमत नहीं है. कंपनी का मानना है कि उसके पास तथ्यों और कानून के आधार पर अपनी स्थिति को सही साबित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. इसी वजह से कंपनी इस टैक्स डिमांड को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती देगी और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी. कंपनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए यह भी कहा है कि इस नोटिस का उसके बिजनेस ऑपरेशंस, वित्तीय स्थिति या अन्य गतिविधियों पर कोई बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद नहीं है.

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पहले भी मिला था ऐसा नोटिस

यह पहली बार नहीं है जब मीशो को इस तरह का टैक्स नोटिस मिला है. कंपनी ने बताया कि असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए भी उसे इसी तरह का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया गया था. उस मामले की जानकारी कंपनी ने 5 दिसंबर 2025 को दाखिल किए गए अपने प्रॉस्पेक्टस में दी थी. हालांकि उस मामले में कंपनी को आंशिक राहत भी मिली थी. कर्नाटक हाई कोर्ट ने 17 अप्रैल 2025 को दिए गए आदेश में उस डिमांड नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी थी. फिलहाल वह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है.

2015 में शुरू हुई थी कंपनी

मीशो की स्थापना 2015 में विदित आत्रे और संजीव बरनवाल ने की थी. यह प्लेटफॉर्म खासतौर पर छोटे कारोबारियों और रिसेलर्स को ऑनलाइन कारोबार से जोड़ने के लिए जाना जाता है. पिछले कुछ वर्षों में कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में शामिल हो चुकी है. कंपनी ने दिसंबर 2025 में शेयर बाजार में एंट्री की थी. उसका 5,421.20 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय रहा और यह 81.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था.

शेयर का हाल?

मौजूदा समय में BSE पर कंपनी के शेयर 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 159.10 रुपये के स्तर पर कारोबार करते हुए शुक्रवार, 6 मार्च को बंद हुए. कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 71,800 करोड़ रुपये के आसपास है. महीने भर के दौरान स्टॉक ने अपने निवेशकों को 6 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, स्टॉक अपने ऑल टाइम हाई स्तर (254.65 रुपये) से तकरीबन 40 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. इस तरह की खबरों के बाद निवेशक सतर्क रुख अपनाते हुए शेयरों से दूरी बनाते हैं. हालांकि, इस बात की जानकारी कंपनी ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद दी. इसका रिएक्शन सोमवार यानी 9 मार्च को मिल सकता है.

वित्तीय प्रदर्शन पर नजर

वित्तीय नतीजों की बात करें तो अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा काफी बढ़ गया. इस दौरान मीशो का नेट लॉस सालाना आधार पर लगभग 12 गुना बढ़कर 490.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 37.43 करोड़ रुपये था. हालांकि कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है. इसी तिमाही में ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू करीब 31 फीसदी बढ़कर 3,517.5 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 2,678.64 करोड़ रुपये था. इसके साथ ही खर्चों में भी तेज वृद्धि हुई है. दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी के कुल खर्च करीब 44 फीसदी बढ़कर 4,071 करोड़ रुपये तक पहुंच गए, जिससे घाटा बढ़ने में योगदान मिला.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.