इस इंफ्रा कंपनी को 2 साल के लिए NHAI ने किया बैन, 10% तक टूटे स्टॉक; जानें कहां हुई चूक, 52-वीक लो पर पहुंचा शेयर

NCC Limited के शेयर गुरुवार को करीब 10% तक टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹135 पर पहुंच गए. गिरावट की बड़ी वजह NHAI की ओर से कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी को दो साल के लिए बैन करना है. इस फैसले से भविष्य के टेंडरों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.

NHAI Action On NCC Image Credit: Canva/ Money9

NHAI Action On NCC: इंफ्रा सेक्टर की कंपनी NCC Limited के शेयरों में गुरुवार, 19 फरवरी को भारी गिरावट देखी गई. कंपनी का शेयर एनएसई पर करीब 10% तक टूटकर ₹135 के स्तर पर पहुंच गया, जो 52-वीक का सबसे निचला स्तर है. इस गिरावट की वजह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI द्वारा कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी पर दो साल का प्रतिबंध लगाना है.

NHAI ने लगाया दो साल का प्रतिबंध

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, उसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी OB Infrastructure Limited (OBIL) और NCC को NHAI की ओर से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह प्रतिबंध 17 फरवरी 2026 से लागू है.

इस आदेश के तहत NCC और उसकी सहयोगी कंपनी अब दो साल तक NHAI द्वारा जारी किसी भी टेंडर, बोली या RFP में भाग नहीं ले पाएंगी. यानी वे कंस्ट्रक्शन, ईपीसी, O&M या किसी कंसोर्टियम सदस्य के रूप में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगी.

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क्यों लगा प्रतिबंध?

यह मामला उत्तर प्रदेश के एक हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसे 2006 में BOT (एन्युटी) मॉडल पर OBIL ने किया था. कंपनी का कहना है कि प्रोजेक्ट में देरी NHAI की वजह से हुई, क्योंकि समय पर जमीन नहीं सौंपी गई और अन्य शर्तों का पालन नहीं किया गया. इस विवाद को लेकर कंपनी ने अदालती कार्यवाही शुरू किया था और नवंबर 2024 में उसे अनुकूल फैसला भी मिला. हालांकि, NHAI ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है. कंपनी का कहना है कि बिना सुनवाई का मौका दिए बैन का आदेश जारी किया गया है और वह इसे कानूनी रूप से चुनौती देगी.

मौजूदा कामकाज पर असर नहीं

कंपनी ने साफ किया है कि इस प्रतिबंध का उसके मौजूदा ऑर्डर या चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कोई वित्तीय या ऑपरेशन असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, भविष्य में NHAI के नए टेंडर नहीं मिल पाने का असर कितना होगा, इसका अभी आकलन नहीं किया जा सकता. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹79,571 करोड़ रही, जिसमें ट्रांसपोर्ट सेक्टर की हिस्सेदारी 22% है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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