इन 3 कॉपर स्टॉक्स पर टिकी है निवेशकों की नजर, तांबे की मांग में 12% तक आएगी तेजी, Hindustan Copper भी लिस्ट में शामिल

वैश्विक बाजार में तांबे की कीमतों में आई तेज तेजी का असर भारतीय उद्योग पर भी साफ दिख रहा है. FY26 में कॉपर करीब 40 फीसदी उछल चुका है और मजबूत मांग के चलते ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है. ICRA के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, ईवी और पावर सेक्टर की वजह से भारत में तांबे की मांग आगे भी मजबूत रहने वाली है. कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के स्टॉक पर भी निवेशकों की नजर टिकी हुई है.

Copper Stocks Image Credit: Canva/ Money9

Copper Stocks: तांबे की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारतीय बाजार में भी हलचल बढ़ गई है. वित्त वर्ष 2026 में कॉपर की कीमतें करीब 40 फीसदी बढ़कर जनवरी 2026 में लगभग 13,000 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गईं. हालांकि जनवरी के अंत में कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन इसके बाद फिर से रिकवरी हुई और फिलहाल यह करीब 6 डॉलर प्रति पाउंड के आसपास कारोबार कर रहा है. पावर, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग के कारण तांबे की खपत लगातार मजबूत बनी हुई है. रेटिंग एजेंसी ICRA का मानना है कि भारत में तांबे की मांग आने वाले दो वर्षों में 10-12 फीसदी सालाना की दर से बढ़ सकती है.

Hindustan Copper

हिंदुस्तान कॉपर देश की एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर उत्पादक कंपनी है, जो खनन से लेकर स्मेल्टिंग और रिफाइनिंग तक का काम करती है. कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट मालांजखंड, खेतड़ी और घाटशिला में स्थित हैं. कंपनी की मौजूदा उत्पादन क्षमता 3.5–4 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) के बीच है, जिसे FY31 तक बढ़ाकर 12.2 MTPA करने की योजना है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी का रेवेन्यू 109 फीसदी बढ़कर 328 करोड़ रुपये से 687 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि तिमाही आधार (QoQ) पर इसमें 4 फीसदी की गिरावट आई. शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 147 फीसदी बढ़कर 156 करोड़ रुपये रहा, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 16 फीसदी की कमी दर्ज की गई.

Hindalco Industries

आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज तांबा और एल्युमिनियम दोनों वैल्यू चेन में मजबूत उपस्थिति रखती है. कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कॉपर रॉड और अन्य उत्पाद बनाती है. कंपनी की सहायक इकाई नोवेलिस (Novelis) ने Q3FY26 में कॉपर शिपमेंट में 8 फीसदी की तिमाही बढ़ोतरी दर्ज की. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 66,521 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 45 फीसदी घटकर 2,049 करोड़ रुपये रहा. तिमाही आधार पर भी मुनाफे में 57 फीसदी की गिरावट आई.

Vedanta

वेदांता एक प्रमुख प्राकृतिक संसाधन और धातु कंपनी है, जिसका कॉपर डिविजन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सप्लाई करता है. Q3FY26 में कंपनी का कॉपर कैथोड उत्पादन 45 किलो टन (kt) रहा, जो तिमाही आधार पर 12 फीसदी की बढ़ोतरी है. तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 37 फीसदी बढ़कर 23,369 करोड़ रुपये हो गया. वहीं शुद्ध मुनाफा 60 फीसदी बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. तिमाही आधार पर मुनाफे में 124 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई.

ICRA की राय क्या है?

ICRA के अनुसार, भारत में तांबे की मांग अगले दो वर्षों में 10–12 फीसदी सालाना बढ़ सकती है. इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, ईवी और पावर सेक्टर से मांग को समर्थन मिलेगा. हालांकि घरेलू उत्पादन सीमित है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ रही है. वैश्विक स्तर पर कॉपर कंसंट्रेट की कमी से ट्रीटमेंट और रिफाइनिंग चार्ज घटे हैं, जिससे स्मेल्टर्स के मुनाफे पर दबाव आ सकता है. फिर भी भारत में बढ़ती बिजलीकरण और औद्योगिक विस्तार निकट अवधि में मांग को मजबूत बनाए रखेंगे.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.