ब्रोकरेज फर्म Nomura ने इंडिया इक्विटी की घटाई रेटिंग, Nifty टारगेट में कटौती; मार्केट में बढ़ेगा उतार-चढ़ाव!
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भारतीय शेयर बाजार को “ओवरवेट” से घटाकर “न्यूट्रल” कर दिया है और Nifty 50 का दिसंबर 2026 टारगेट 29,300 से घटाकर 24,500 तय किया है. रिपोर्ट के अनुसार ईरान वॉर के चलते तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा. साथ ही घरेलू निवेशकों की भागीदारी में कमी और AI से जुड़े जोखिम भी चिंता का कारण हैं.
Nomura India downgrade: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा रुख अपनाया है. कंपनी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इंडिया इक्विटी को “ओवरवेट” से घटाकर “न्यूट्रल” कर दिया है. साथ ही Nifty 50 के लिए दिसंबर 2026 का टारगेट भी घटाकर 29,300 से 24,500 कर दिया गया है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ग्लोबल अनिश्चितता, खासकर एनर्जी प्राइसेस और जियोपॉलिटिकल टेंशन, बाजार की दिशा तय कर रहे हैं.
तेल की कीमतें बनीं सबसे बड़ी चिंता
Nomura के अनुसार, ईरान वॉर की वजह से कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही बाजार को उम्मीद है कि युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का पूरी तरह खुलना आसान नहीं होगा. ऐसे में एनर्जी प्राइसेस में तेजी बनी रह सकती है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए नकारात्मक संकेत है. इससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव आ सकता है.
कम हो सकता है घरेलू निवेशकों का सपोर्ट
ब्रोकरेज ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मार्केट रिटर्न्स कमजोर रहते हैं, तो घरेलू निवेशकों की भागीदारी धीमी पड़ सकती है. पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार को मजबूत सपोर्ट घरेलू निवेशकों से मिला है, लेकिन अब यह ट्रेंड कमजोर पड़ने का जोखिम है. इससे बाजार का एक महत्वपूर्ण सहारा कमजोर हो सकता है.
एआई और टेक्नोलॉजी फैक्टर भी चिंता का कारण
Nomura ने दूसरी बड़ी चिंता के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का असर भारत के डेमोग्राफिक एडवांटेज और कंजम्प्शन ग्रोथ पर पड़ सकता है. हालांकि इस पर अभी स्पष्ट निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन निवेशकों पर इसका असर पड़ रहा है.
किन बाजारों में शिफ्ट की सलाह?
Nomura ने निवेशकों को भारतीय बाजार से आंशिक रूप से बाहर निकलकर अन्य एशियाई बाजारों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है. खासतौर पर कोरियन इक्विटीज और एमएससीआई चाइना को प्राथमिकता दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरियाई बाजार में हालिया गिरावट के बाद वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं, जबकि चाइना पर कंपनी पहले से ही ओवरवेट बनी हुई है.
निवेश रणनीति में बदलाव का संकेत
Nomura का यह डाउनग्रेड इस बात का संकेत है कि ग्लोबल निवेशक भारत को लेकर अब ज्यादा सतर्क हो रहे हैं. पहले भारत को एक “डाइवर्सिफायर” के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब एनर्जी प्राइसेस और बाहरी जोखिमों के चलते यह रणनीति कमजोर पड़ती दिख रही है. कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि आने वाले समय में भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को अपनी रणनीति में संतुलन बनाकर चलना होगा.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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