IPO से पहले NSE के अनलिस्टेड शेयर में खेल! करोड़ों की ठगी का खुलासा, ED का एक्शन, मुंबई-चेन्नई में 8 जगह की छापेमारी
NSE के अनलिस्टेड शेयर बेचने के नाम पर निवेशकों से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है, ED ने मुंबई और चेन्नई में 8 ठिकानों पर छापेमारी की. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निवेशकों को प्रीमियम पर NSE शेयर देने का झांसा दिया, जबकि उनके पास असल में शेयर मौजूद ही नहीं थे. ED ने कई बैंक और डिमैट खाते फ्रीज किए हैं और मामले की जांच जारी है.
NSE IPO unlisted Share scam: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO जल्द ही मार्केट में लॉन्ग होगा. ऐसे में शेयर बाजार में हलचल तेज है, लेकिन इसी बीच ठगों का भी खेल चालू है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NSE के अनलिस्टेड शेयर बेचने के ऐसे ही एक मामले का खुलासा किया है. ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत एजेंसी ने मुंबई और चेन्नई में कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की.
इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने की. जांच के दायरे में Atum Capital Pvt Ltd, Optimus Financial Solutions Pvt Ltd, Babli Investment Pvt Ltd और Supremus Angel जैसी कंपनियां और उनके निदेशक शामिल हैं. ED के मुताबिक इनसे जुड़े कुछ लोगों ने निवेशकों को NSE इंडिया के अनलिस्टेड शेयर देने का झांसा देकर बड़ी रकम वसूली है.
इन लोगों पर लगे आरोप
एजेंसी के अनुसार इस मामले में सतीश कुमार, संजय दमानी, नीरज निसार, कृष वोहरा, मनीष सोनी और निशा कुमारी समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं. जांच में यह भी पता चला कि यह कथित गिरोह निवेशकों को यह कहकर लुभाता था कि उनके पास NSE इंडिया के शेयर मौजूद हैं और वे उन्हें प्राइवेट एग्रीमेंट के जरिए प्रीमियम पर ट्रांसफर कर सकते हैं. हालांकि जांच में पाया गया कि जिन शेयरों को बेचने का दावा किया जा रहा था, वे असल में आरोपियों के पास थे ही नहीं.
चूंकि NSE इंडिया के शेयर अभी किसी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हैं, इसलिए इनकी खरीद-फरोख्त एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर नहीं होती और इस तरह के प्राइवेट सौदे किसी औपचारिक सेटलमेंट सिस्टम के दायरे में नहीं आते. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपियों ने निवेशकों से एडवांस के रूप में बड़ी रकम जुटाई.
मिले अहम सबूत
ED के मुताबिक निवेशकों से धोखे से जुटाई गई रकम कई बैंक खातों के जरिए घुमाई गई और बाद में इसे चल-अचल संपत्तियों में लगाने का आरोप है. छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य अहम सबूत भी मिले हैं.
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खाते किए फ्रीज
एजेंसी ने सतीश कुमार, संजय दमानी और उनसे जुड़ी कंपनियों के कई बैंक और डिमैट खातों को फ्रीज भी कर दिया है. ED का कहना है कि इन खातों में अपराध से जुड़ी रकम के सबूत मिले हैं.. इस कथित घोटाले से जुड़े निवेशकों की शिकायतें कई राज्यों से सामने आई हैं. हालांकि कुछ मामलों में स्थानीय पुलिस ने अभी तक औपचारिक FIR दर्ज नहीं की है. मामले की जांच अभी जारी है.
कब आएगा IPO?
NSE के एमडी और सीईओ आशीष चौहान ने हाल ही में कहा था कि एक्सचेंज को IPO के लिए सेबी से नो-ऑब्जेक्शन मिल चुका है और कंपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस तैयार करने की प्रक्रिया में है. उन्होंने संकेत दिया था कि साल के अंत तक NSE की लिस्टिंग हो सकती है. NSE के IPO की उम्मीद के कारण अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयरों की मांग बढ़ी है. इसी का फायदा उठाकर कुछ फर्जी बिचौलिए निवेशकों को गुमराह करते नजर आए.
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