कर्ज लगभग शून्य, ₹928 करोड़ का ऑर्डर बुक, ISRO और DRDO है क्लाइंट; इस डिफेंस कंपनी पर रखें नजर
Paras Defence and Space Technologies भारत की प्रमुख डिफेंस और स्पेस कंपनियों में शामिल है. कंपनी के पास 928 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है और ISRO, DRDO, HAL तथा Bharat Electronics जैसे बड़े संस्थान इसके ग्राहक हैं. कंपनी का कारोबार डिफेंस ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ा है.
Defence Stock: डिफेंस और स्पेस सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान और डिफेंस प्रोडक्शन पर बढ़ते जोर का फायदा कई घरेलू कंपनियों को मिल रहा है. ऐसी ही एक कंपनी है Paras Defence and Space Technologies, जो डिफेंस और स्पेस से जुड़े स्पेशल इक्वीपमेंट का मैन्युफैक्चिरिंग करती है. कंपनी के पास इस समय 928 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है. खास बात यह है कि ISRO, DRDO, HAL और Bharat Electronics जैसी प्रमुख संस्थाएं भी इसके ग्राहकों में शामिल हैं.
928 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक बना ताकत
कंपनी का ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रहा है. वित्त वर्ष 2025 में जहां ऑर्डर बुक 576 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 928 करोड़ रुपये पहुंच गया है. यह बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी को नए प्रोजेक्ट लगातार मिल रहे हैं. मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय में रेवेन्यू और प्रॉफिट की ग्रोथ का आधार बन सकता है. डिफेंस और स्पेस सेक्टर में बढ़ते सरकारी खर्च का फायदा भी कंपनी को मिल सकता है.
पांच साल में तेजी से बढ़ा कारोबार
Paras Defence का वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है. कंपनी की बिक्री पिछले पांच वर्षों में 143 करोड़ रुपये से बढ़कर 477 करोड़ रुपये हो गई है. इस दौरान कंपनी के मुनाफे में भी तेज ग्रोथ देखने को मिली है. नेट प्रॉफिट 16 करोड़ रुपये से बढ़कर 89 करोड़ रुपये पहुंच गया है. यानी कंपनी ने पांच वर्षों में करीब 41 फीसदी की कंपाउंड रेट से मुनाफा बढ़ाया है. कंपनी के शेयर 3 मई को 2.66 फीसदी की गिरावट के साथ 830 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. कंपनी ने पिछले पांच साल में अपने निवेशकों को 255 फीसदी का रिटर्न दिया है.
लगभग कर्ज मुक्त है कंपनी
कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत मानी जाती है. Paras Defence पर केवल 27 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि उसके पास 685 करोड़ रुपये का रिजर्व मौजूद है. कम कर्ज और मजबूत नकदी स्थिति कंपनी को भविष्य के विस्तार के लिए बेहतर स्थिति में रखती है. यही वजह है कि कई निवेशक इसे डिफेंस सेक्टर की उभरती हुई कंपनी के रूप में देख रहे हैं.
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विदेशी निवेशकों की भी बढ़ी दिलचस्पी
कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है. मार्च 2024 में जहां विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी केवल 0.13 फीसदी थी, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर करीब 5 फीसदी पहुंच गई. इससे साफ है कि विदेशी निवेशक भी कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं को लेकर पाजिटिव नजरिया रखते हैं. हालांकि शेयर का वैल्यूएशन हाई माना जा रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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