Paytm के शेयर कराएंगे कमाई! दो ब्रोकरेज हाउस बुलिश, 35% तक चढ़ सकता है भाव; जानें टारगेट प्राइस

Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications को लेकर Jefferies और Investec दोनों ही ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक नजर आ रहे हैं. रेगुलेटरी चुनौतियों और इंसेंटिव स्कीम खत्म होने के बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि Paytm का कोर बिजनेस मजबूत है और आने वाले वर्षों में रेवेन्यू व मार्जिन में तेज सुधार देखने को मिल सकता है. मौजूदा भाव 1,144 रुपये से स्टॉक में करीब 35 फीसदी से 36 फीसदी तक की तेजी की संभावना जताई गई है. जानें क्या है टारगेट प्राइस.

पेटीएम शेयर और ब्रोकरेज की राय Image Credit: @Money9live

Paytm Brokerage House and Target Price: Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications को लेकर ब्रोकरेज हाउस लगातार सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं. Jefferies और Investec की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटरी झटकों और इंसेंटिव स्कीम खत्म होने के बावजूद Paytm का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है और आने वाले सालों में कंपनी की कमाई और मार्जिन में तेज सुधार देखने को मिल सकता है. फिलहाल Paytm का शेयर भाव करीब 1,144 रुपये के आसपास है. मौजूदा भाव से ब्रोकरेज ने इस स्टॉक का टारगेट प्राइस करीब 35 फीसदी से 36 फीसदी का अपसाइड देखने को मिल सकता है यानी स्टॉक का भाव 1550 रुपये तक पहुंच सकता है. इसी मजबूत अपसाइड और बिजनेस विजिबिलिटी के चलते दोनों ब्रोकरेज ने Paytm पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है.

क्यों मजबूत माना जा रहा है Paytm का कोर बिजनेस?

रिपोर्ट के मुताबिक, Paytm भारत के सबसे बड़े मर्चेंट-अक्वायरिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है. ऑफलाइन पेमेंट्स में कंपनी की पकड़ बेहद मजबूत है, जहां Soundbox सेगमेंट में इसका 50 फीसदी से ज्यादा मार्केट शेयर है, जबकि फिजिकल POS में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी है. वहीं ऑनलाइन पेमेंट गेटवे बिजनेस में Paytm की हिस्सेदारी 15–20 फीसदी के बीच बताई जा रही है.

ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे भारत में क्रेडिट-लिंक्ड पेमेंट्स (क्रेडिट कार्ड, RuPay क्रेडिट कार्ड on UPI, क्रेडिट लाइन on UPI) का इस्तेमाल बढ़ेगा, Paytm को इसका सीधा फायदा मिलेगा. इससे कंपनी के नेट पेमेंट मार्जिन में सुधार होगा और रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा. अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच Paytm का पेमेंट GMV करीब 25 फीसदी CAGR से बढ़ सकता है, जबकि नेट पेमेंट प्रोसेसिंग रेवेन्यू 32 फीसदी CAGR की दर से बढ़ने की संभावना है.

Jefferies की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

Jefferies के मुताबिक, RBI की Payments Infrastructure Development Fund (PIDF) स्कीम के न बढ़ने से Paytm की कमाई पर शॉर्ट टर्म असर जरूर पड़ा है. FY25 और FY26 की पहली छमाही में Paytm को इस स्कीम से अच्छा-खासा इंसेंटिव मिला था, जिसमें सिर्फ 1HFY26 में ही करीब 128 करोड़ रुपये शामिल थे. हालांकि, Jefferies साफ करता है कि यह असर केवल इंसेंटिव इनकम के खत्म होने की वजह से है, न कि कंपनी के कोर बिजनेस में किसी कमजोरी के कारण.

इसी वजह से ब्रोकरेज ने EBITDA और टारगेट प्राइस में थोड़ी कटौती जरूर की है, लेकिन BUY रेटिंग बरकरार रखी है. Jefferies को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच Paytm का रेवेन्यू करीब 23 फीसदी CAGR से बढ़ेगा. इस दौरान योगदान मार्जिन करीब 58 फीसदी के स्तर पर स्थिर रहने का अनुमान है. ऑपरेटिंग लीवरेज के चलते EBITDA मार्जिन FY28 तक बढ़कर करीब 17 फीसदी तक पहुंच सकता है.

क्या कहती है Investec की रिपोर्ट?

ब्रोकरेज फर्म Investec की रिपोर्ट में Paytm को भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का एक तरह का “टोल रोड ऑपरेटर” बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, UPI P2M, पेमेंट गेटवे, साउंड बॉक्स और मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सेगमेंट्स में केवल 2–3 बड़े प्लेयर्स का दबदबा है, और Paytm उनमें से एक है. इस स्ट्रक्चर के चलते Paytm के पास लॉन्ग टर्म प्राइसिंग पावर है और मर्चेंट्स के लिए प्लेटफॉर्म बदलना आसान नहीं है. यही वजह है कि कंपनी की ऑपरेटिंग लीवरेज मजबूत होती जा रही है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26–28 के बीच Paytm का नेट रेवेन्यू करीब 23 फीसदी CAGR से बढ़ेगा, जबकि EBITDA मार्जिन FY28 तक बढ़कर 24 फीसदी तक पहुंच सकता है, जो H1FY26 में सिर्फ 8 फीसदी था.

कहां से आएगी आगे की ग्रोथ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगे Paytm की ग्रोथ के बड़े ड्राइवर होंगे:

  • मर्चेंट लोन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन
  • डिवाइस सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू (Soundbox, POS)
  • नॉन-UPI पेमेंट्स पर बेहतर टेक रेट
  • लागत नियंत्रण और टेक्नोलॉजी स्केल इकोनॉमी

अनुमान है कि FY28 तक फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन रेवेन्यू Paytm के कुल नेट रेवेन्यू का करीब 42 फीसदी हिस्सा बन सकता है.

Paytm के शेयरों का हाल?

Paytm के शेयर मंगलवार, 27 जनवरी को हरे रंग में कारोबार करते हुए बंद हुए. कंपनी का स्टॉक NSE पर 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 1144.80 रुपये पर बंद हुआ. हालांकि, पिछले कुछ समय से कंपनी के शेयर दबाव में दिखे. महीने भर में कंपनी के शेयर तकरीबन 13 फीसदी तक टूट चुका है. हालांकि, साल भर में कंपनी के शेयर की कीमत तकरीबन 46 फीसदी तक चढ़े हैं. वहीं, 3 साल के दौरान स्टॉक का भाव 114 फीसदी तक बढ़ा है.

कंपनी का मार्केट कैप 72,977 करोड़ रुपये दर्ज किया. स्टॉक का 52 वीक हाई स्तर 1381 रुपये और लो स्तर 651 रुपये दर्ज किया गया. इससे इतर, वित्तीय मोर्चे पर कंपनी को पिछले कुछ तिमाहियों से मुश्किल का सामना कर पड़ रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 के जून तिमाही में कंपनी को 123 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ, वहीं अगली तिमाही यानी सितंबर में प्रॉफिट घटकर 21 करोड़ रुपये हो गया.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.