Vodafone Idea Q3 Results: नेट लॉस कम होकर 5286 करोड़ रुपये हुआ, रेवेन्यू बढ़कर 11323 करोड़ रुपये पर पहुंचा

नेट प्रॉफिट में उम्मीद से कम गिरावट का कारण खर्चों में कमी है, जो पिछले साल इसी अवधि के 17,974 करोड़ रुपये की तुलना में 17,884 करोड़ रुपये रहा. सरकार ने कंपनी के लिए FY32 और FY41 के बीच अपने फ्रीज किए गए AGR बकाया को चुकाने के पेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी थी.

कम हुआ वोडा-आइडिया का घाटा. Image Credit: Money 9 Live

वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया ने 27 जनवरी को मार्केट बंद होने के बाद दिसंबर में खत्म हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की घोषणा की. कंपनी ने 5,286 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में हुए 6,609 करोड़ रुपये के नेट लॉस से कम है. पिछली तिमाही में कंपनी ने 5,524 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया था.

मुनाफे में उम्मीद से कम गिरावट

नेट प्रॉफिट में उम्मीद से कम गिरावट का कारण खर्चों में कमी है, जो पिछले साल इसी अवधि के 17,974 करोड़ रुपये की तुलना में 17,884 करोड़ रुपये रहा. इस तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने फाइनेंस कॉस्ट में भी कमी दर्ज की, जिसमें कर्ज और दूसरी देनदारियों पर ब्याज पेमेंट शामिल हैं.

कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल-दर-साल 2 फीसदी और तिमाही-दर-तिमाही 1.15 फीसदी बढ़कर 11,323 करोड़ रुपये हो गया. इस सुधार का श्रेय कंपनी के नेटवर्क विस्तार और नेटवर्क पर डेटा की खपत में बढ़ोतरी को दिया जा सकता है.

कंपनी के लिए अहम रही दिसंबर तिमाही

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के CEO अभिजीत किशोर ने कहा, ‘यह तिमाही कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जिसमें कई पुराने मुद्दों का पॉजिटिव समाधान हुआ. हम AGR मामले पर एक सुनिश्चित, लॉन्ग-टर्म और निर्णायक समाधान देने के लिए सरकार के आभारी हैं. हमने वोडाफोन ग्रुप के साथ 6,394 करोड़ रुपये के CLAM रिसीवेबल का सेटलमेंट भी पूरा कर लिया है.’

AGR पर मिली है राहत

इस बीच कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे ऐसे समय में जारी किए हैं, जब उसे सरकार से अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया के पेमेंट पर राहत मिली है. कैबिनेट ने 31 दिसंबर को कंपनी के दिसंबर के आखिर तक के 87,695 करोड़ रुपये AGR बकाया को फ्रीज करने का फैसला लिया था.

AGR बकाया पेमेंट प्लान

सरकार ने कंपनी के लिए FY32 और FY41 के बीच अपने फ्रीज किए गए AGR बकाया को चुकाने के पेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी थी. अक्टूबर और नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, सरकार ने कंपनी के AGR बकाया का फिर से आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. एनालिस्ट्स और सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के पूरा होने पर कंपनी की अंतिम AGR राशि कम भी हो सकती है.

AGR बकाया फ्रीज होने के बाद, टेलीकॉम कंपनी को मार्च 2026 से मार्च 2031 तक अगले छह वर्षों में AGR पेमेंट के लिए कुल 744 करोड़ रुपये देने होंगे, जो हर साल ज्यादा से ज्यादा 124 करोड़ रुपये होंगे. इसे मार्च 2032 से मार्च 2035 तक चार साल के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये भी देने होंगे.

सब्सक्राइबर बेस में गिरावट, ARPU में मामूली ग्रोथ

इस तिमाही में कंपनी ने 3.8 मिलियन सब्सक्राइबर खो दिए, जिससे दिसंबर के आखिर तक उसका सब्सक्राइबर बेस 192.9 मिलियन हो गया. किसी बड़ी टैरिफ बढ़ोतरी के अभाव में, प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में ग्रोथ सीमित रही.

कंपनी का ARPU पिछली तिमाही के मुकाबले 3% बढ़कर 172 रुपये प्रति महीना हो गया. पिछली तिमाही में कंपनी का ARPU 167 रुपये था. वोडाफोन आइडिया का इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) 4,816 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही के 4,685 करोड़ रुपये से 2.8 फीसदी ज्यादा है.

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