डिफेंस सेक्टर के इस स्टॉक का चला जादू! 3 साल में 1 लाख बने 9 करोड़, ₹2 के शेयर ने दिया मल्टीबैगर रिटर्न
Swan Defence and Heavy Industries का शेयर बीते कुछ सालों में निवेशकों के लिए सुपरहिट साबित हुआ है. कभी 2 रुपये के आसपास रहने वाला यह स्टॉक अब 1900 रुपये के पार पहुंच चुका है. तीन साल में इसने 90,000 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया. हालांकि, कंपनी के कमजोर फंडामेंटल्स और लगातार घाटे ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है.
Multibagger Penny Stock: कभी शेयर बाजार में 2 रुपये के आसपास बिकने वाला डिफेंस सेक्टर का एक शेयर आज 1900 रुपये के पार पहुंच चुका है. Swan Defence and Heavy Industries ने बीते कुछ सालों में ऐसा रिटर्न दिया है कि निवेशकों की किस्मत ही बदल गई. सिर्फ तीन साल में 1 लाख रुपये का निवेश 9 करोड़ रुपये से ज्यादा बन गया. लेकिन सवाल यह है कि क्या कंपनी के दमदार रिटर्न के पीछे मजबूत कारोबार है, या फिर कहानी कुछ और है? लॉन्ग टर्म में कंपनी ने तो निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, लेकिन इसके फंडामेंटल्स काफी कमजोर नजर आ रहे हैं. साथ ही कंपनी की लगभग 90 फीसदी हिस्सेदारी इसके प्रमोटर्स के पास है.
शेयर का हाल
Swan Defence and Heavy Industries के शेयर ने लॉन्ग टर्म में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है. बुधवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी के स्टॉक 1,912.65 रुपये पर पहुंच गया था. वहीं एक साल में स्टॉक ने 1,019 फीसदी, तीन साल में 90,978 फीसदी और पांच साल में 65,853 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है. अगर किसी निवेशक ने तीन साल पहले जब इस स्टॉक का भाव 2 रुपये के आसपास था तब इसमें एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो आज उसके पास इस कंपनी के 9,09,78,570 रुपये के शेयर होते. यानी तीन साल में एक लाख रुपये 9 करोड़ रुपये से अधिक हो जाता. हालांकि अब भी कंपनी की 90 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटर्स के पास है. इसका मतलब यह है कि कंपनी के मालिक ने ही इतना मुनाफा कमाया है.

कंपनी के फंडामेंटल्स
| फंडामेंटल्स | वैल्यू |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹9,810 करोड़ |
| P/B अनुपात | 40.05 |
| उद्योग P/E | 68.74 |
| ऋण-से-इक्विटी अनुपात | 10.67 |
| ROE | -51.80% |
| EPS (TTM) | -20.24 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.00% |
| बुक वैल्यू | 46.50 |
| फेस वैल्यू | 10 |
कंपनी की वित्तीय सेहत
कंपनी की वित्तीय सेहत बेहद कमजोर नजर आ रही है. दिसंबर तिमाही में ने लगभग 11 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया और 33.11 करोड़ रुपये का घटा हुआ है. यानी कंपनी को रेवेन्यू से तीन गुना घाटा हुआ है. सितंबर तिमाही में 20 करोड़, जून तिमाही में लगभग 31 करोड़ और मार्च तिमाही में लगभग 23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
इस कंपनी में 89.9 फीसदी हिस्सेदारी कंपनी के प्रमोटर्स के पास है. MF के पास 1.7 फीसदी, FII के पास 0.6 फीसदी और रिटेल निवेशकों के पास केवल 7.4 फीसदी हिस्सेदारी है.

यह भी पढ़ें: पावर सेक्टर के इस स्टॉक का चला जादू! 5 साल में 1 लाख बने 23 करोड़, 80 पैसे के शेयर ने दिया मल्टीबैगर रिटर्न
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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