100% टैरिफ के डर से थर्राए फार्मा स्टॉक्स, 4 फीसदी तक टूटा Nifty Pharma, इन शेयरों में दिखी भारी गिरावट
अमेरिका की संभावित टैरिफ नीति को लेकर बढ़ती चिंता ने भारतीय फार्मा सेक्टर को झटका दिया है. बाजार में कमजोरी के बीच Nifty Pharma में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं Sun Pharma, Cipla, Lupin और Divi's Labs जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे. निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ने से सेक्टर में बिकवाली हावी दिख रही है.

Pharma Stocks Plunged upto 4 percent in intraday: बाजार में तेज गिरावट के बीच दवा बनाने वाली कंपनियों के शेयर, यानी फार्मा स्टॉक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है. 1 बजकर 8 मिनट पर फार्मा बेंचमार्क NIFTY PHARMA में भी 1.5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही Sun Pharma, Lupin, Cipla, Divi’s Labs और Zydus जैसी कंपनियों के शेयरों में भी काफी गिरावट देखी गई है. इस गिरावट के पीछे की वजह अमेरिका द्वारा आयातित दवाइयों पर संभावित टैरिफ लगाए जाने की आशंका है.
4 फीसदी तक टूटा Nifty Pharma
बुधवार को Nifty Pharma 22,011.60 पर बंद हुआ था. आज यानी गुरुवार को यह गैपडाउन के साथ 21,689.95 पर खुला. इंट्राडे में फार्मा बेंचमार्क 21,149.90 तक गिर गया. यानी कल के बंद भाव से इसमें लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
इन शेयरों को लगा जोर का झटका
Sun Pharmaceutical Industries का शेयर गैपडाउन के साथ खुला और 1 बजकर 15 मिनट पर इसमें 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के बाद यह 1,680 रुपये पर कारोबार कर रहा है.
Divi’s Laboratories के शेयर में 1.5 फीसदी तक की गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद शेयर का भाव 5,819 रुपये पर पहुंच गया.
Torrent Pharmaceuticals के शेयर में 3.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. बिकवाली के बाद इसका शेयर 3,975 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.
इसके साथ ही Lupin, Cipla, Zydus, Manking Pharma और Aurobindo Pharma के शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है. टॉप फार्मा कंपनियों में Dr Reddy’s Labs का शेयर इकलौता ऐसा शेयर है, जो बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है.
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गिरावट की क्या है वजह?
फार्मा स्टॉक्स में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर बढ़ती चिंता है. Bloomberg की रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन आयातित ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं पर 100% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है, और राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही 100% से 200% तक टैरिफ लगाने के संकेत दे चुके हैं. इसका उद्देश्य दवा कंपनियों को अमेरिका में ही उत्पादन करने के लिए प्रेरित करना और दवाओं की कीमतें कम करना है.
हालांकि, कुछ बड़ी कंपनियां जैसे Pfizer Inc. और Eli Lilly and Company ने अमेरिकी सरकार के साथ समझौता कर लिया है, जिससे उन्हें तीन साल तक राहत मिल सकती है. लेकिन जिन कंपनियों ने अभी तक कोई समझौता नहीं किया है, उन पर भारी टैरिफ लग सकता है. इस अनिश्चितता और संभावित नुकसान के डर से निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिसके कारण फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.