Infosys टॉप 10 की लिस्ट से बाहर: ₹2 लाख करोड़ की मार्केट कैप साफ, इस सरकारी कंपनी ने किया रिप्लेस
इस गिरावट का असर बाजार की रैंकिंग पर भी पड़ा है. Life Insurance Corporation of India करीब 5.16 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ टॉप 10 में शामिल हो गई है, जबकि Tata Consultancy Services भी फिसलकर टॉप 5 से बाहर आ गई है. इससे साफ है कि आईटी सेक्टर में व्यापक गिरावट देखने को मिल रही है.
Infosys जो कभी भारतीय शेयर बाजार का भरोसेमंद कंपाउंडर माना जाता था, अब निवेशकों के बीच सवालों के घेरे में है. इस साल कंपनी की मार्केट वैल्यू में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है और यह देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है. इससे साफ है कि निवेशकों को अब ग्रोथ, क्लाइंट स्पेंडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असर को लेकर चिंता बढ़ रही है.
शेयर में तेज गिरावट, मार्केट कैप घटा
कंपनी के ताजा नतीजों के बाद बिकवाली और तेज हो गई. शुक्रवार को एक ही दिन में शेयर करीब 7 प्रतिशत टूट गया और साल 2026 में अब तक करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो चुकी है. फिलहाल Infosys का मार्केट कैप करीब 4.76 लाख करोड़ रुपये के आसपास है, जो पहले के मुकाबले काफी कम है.

बाजार की रैंकिंग में बदलाव
इस गिरावट का असर बाजार की रैंकिंग पर भी पड़ा है. Life Insurance Corporation of India करीब 5.16 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ टॉप 10 में शामिल हो गई है, जबकि Tata Consultancy Services भी फिसलकर टॉप 5 से बाहर आ गई है. इससे साफ है कि आईटी सेक्टर में व्यापक गिरावट देखने को मिल रही है.
नतीजे ठीक, लेकिन गाइडेंस ने बिगाड़ा खेल
मार्च तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन खराब नहीं था. रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 8,501 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमान से बेहतर था. लेकिन FY27 के लिए 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत ग्रोथ गाइडेंस बाजार की उम्मीद से कमजोर रही, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया.
समस्या साइक्लिकल नहीं, स्ट्रक्चरल
ब्रोकरेज का मानना है कि यह समस्या अस्थायी नहीं बल्कि स्ट्रक्चरल है. क्लाइंट्स अब खर्च कम कर रहे हैं और लागत बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. बड़े ट्रांसफॉर्मेशन डील्स धीमे हो रहे हैं और ग्रोथ अब एक्सपेंशन की बजाय प्रोडक्टिविटी पर आधारित हो गई है.
AI बना मौका भी और चुनौती भी
Infosys आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से निवेश कर रही है, जैसे Topaz प्लेटफॉर्म और ग्लोबल पार्टनरशिप. कंपनी के 30,000 से ज्यादा डेवलपर्स AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे डेटा, क्लाउड और ऑटोमेशन में नए मौके बन रहे हैं.
लेकिन AI का दूसरा पहलू भी है. प्रोडक्टिविटी बढ़ने से कंपनियां क्लाइंट्स को कम कीमत पर सर्विस दे रही हैं, जिससे मौजूदा बिजनेस पर मार्जिन का दबाव बढ़ रहा है. यानी नया बिजनेस आ रहा है, लेकिन पुराने बिजनेस की कमाई घट रही है.
डिमांड में सेक्टर के हिसाब से फर्क
फाइनेंशियल सर्विसेज और एनर्जी सेक्टर में डिमांड बनी हुई है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर अभी भी कमजोर हैं. इसकी वजह ग्लोबल अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव और कमजोर कंज्यूमर डिमांड है.
डील्स मजबूत, लेकिन असर में समय लगेगा
FY26 में Infosys ने 14.9 अरब डॉलर के डील्स साइन किए, जो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत ज्यादा है. इसमें आधे से ज्यादा नए कॉन्ट्रैक्ट्स हैं. इससे पता चलता है कि लॉन्ग टर्म डिमांड बनी हुई है, लेकिन इसका असर आने में समय लगेगा.
वैल्यूएशन और आउटलुक
अब स्टॉक करीब 18 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स पर ट्रेड कर रहा है, जो पहले के मुकाबले सस्ता है. कुछ ब्रोकरेज मानते हैं कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार कर रही है, लेकिन ग्रोथ को लेकर उम्मीदें कम कर दी गई हैं.
इसे भी पढ़ें- इन 3 शेयरों से Government of Singapore ने पूरी हिस्सेदारी बेची, पोर्टफोलियो में हुआ बड़ा बदलाव, रखें नजर
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Mobikwik के शेयर 16 फीसदी उछले, क्या आगे और आने वाली है तेजी? जानें- एक्सपर्ट का नजरिया
NSE ने IGX में बेचा स्टेक, हिस्सेदारी घटकर 25% हुई, जानें क्यों उठाया ये कदम, IPO की तैयारी भी तेज
कम चर्चित लेकिन मजबूत! ये Microcap Stocks कर सकते हैं कमाल! शेयरों ने दिए 300% तक रिटर्न
