RIL के शेयरों में गिरावट के बाद क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज बढ़ा रहें टारगेट, जानें कितना जाएगा भाव

पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 2.47 फीसदी फिसला है. हालांकि, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में शेयर की चाल मजबूत रही है. पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 10.57 फीसदी उछला है, जबकि एक साल में इसमें करीब 20.49 फीसदी की तेजी आई है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज टारगेट प्राइस. Image Credit: money9live

Reliance Industries Share Price: मंगलवार को Reliance Industries Limited के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी. बीएसई पर शेयर इंट्रा डे में करीब 5 फीसदी टूटकर 1,497.05 रुपये के निचले स्तर तक आ गया था. यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद Reliance Industries के शेयर की सबसे बड़ी इंट्रा डे गिरावट रही थी. इस गिरावट के चलते ही बाजार में भयंकर गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, 7 जनवरी के सत्र में इसमें हल्की तेजी देखने को मिली. अब निवेशक ये समझ नहीं पा रहे हैं कि इस शेयर पर क्या करें?

जेफरीज ने दिया टारगेट

  • CNBC TV18 के मुताबिक, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है. साथ ही, जेफरीज ने कंपनी का टारगेट प्राइस 1,785 से बढ़ाकर 1,830 रुपये कर दिया है.
  • वहीं ट्रेंडलाइन ने इसके शेयरों पर स्ट्रांग बाय रेटिंग दी है, साथ ही शेयरों के लिए 1712 रुपये का टारगेट प्राइस बताया है. यानी मौजूदा भाव से 13.55 फीसदी का मुनाफा मिल सकता है.
सोर्स-ट्रेंडलाइन रिपोर्ट

क्यों गिरा शेयर?

  • Bloomberg की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूसी कच्चा तेल लेकर आ रहे तीन जहाज Reliance की जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन Reliance ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया. कंपनी का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भले ही Reliance सस्ता रूसी कच्चा तेल खरीदने वाली भारत की प्रमुख कंपनियों में रही हो, लेकिन फिलहाल इस तरह की खरीद रोक दी गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में Reliance ने स्पष्ट किया कि जामनगर रिफाइनरी को पिछले तीन हफ्तों में रूसी तेल का कोई भी कार्गो नहीं मिला है और जनवरी महीने में भी रूसी कच्चे तेल की किसी डिलीवरी की उम्मीद नहीं है.
  • वहीं, Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Reliance द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने से जनवरी में भारत का रूस से तेल आयात और घट सकता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की कड़ी पाबंदियों के कारण पहले ही रूस से भारत आने वाले तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. दिसंबर में भारत का रूस से तेल आयात घटकर करीब 12 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो लगभग तीन साल का निचला स्तर है. यह आंकड़ा जून में दर्ज करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है.
  • RIL की रिटेल यूनिट भले ही अनलिस्टेड हो, लेकिन इसे समूह की लांग टर्म ग्रोथ कहानी का अहम स्तंभ माना जाता है. अक्टूबर में ICICI Securities ने रिलायंस के रिटेल कारोबार का वैल्यूएशन 103 अरब डॉलर से ज्यादा आंका था, जो उस समय RIL के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग आधा था. ऐसे में सेक्टर की अन्य कंपनियों को लेकर आई कमजोर कमेंट्स ने निवेशकों को दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया.

शेयर के शेयरों का हाल

7 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद इसके शेयरों का भाव 1,507.5 रुपये था. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 2.47 फीसदी फिसला है. हालांकि, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में शेयर की चाल मजबूत रही है. पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 10.57 फीसदी उछला है, जबकि एक साल में इसमें करीब 20.49 फीसदी की तेजी आई है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में ही शेयर ने नया 52-वीक हाई भी बनाया था.

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