सेबी बोर्ड ने FPIs सेटलमेंट के नियमों को दी मंजूरी, हितों के टकराव पर सिफारिशों को भी हरी झंडी
बोर्ड ने 'हितों के टकरावट और SEBI अधिकारियों से जुड़े खुलासों पर बनी एक उच्च-स्तरीय समिति की कई सिफारिशों को भी मंजूरी दी. इस समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रत्युष सिन्हा ने की थी. अब InvITs को किसी प्रोजेक्ट की रियायत अवधि खत्म होने के बाद भी स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) को अपने पास रखने की अनुमति होगी.
मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने (SEBI) ने सोमवार को एक बड़े प्रस्ताव को मंज़ूरी दी. इसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए फंड सेटलमेंट के नियमों को आसान बनाना और मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में बदलाव करना शामिल है. इसके अलावा, बोर्ड ने ‘हितों के टकरावट और SEBI अधिकारियों से जुड़े खुलासों पर बनी एक उच्च-स्तरीय समिति की कई सिफारिशों को भी मंजूरी दी. इस समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रत्युष सिन्हा ने की थी.
हितों के टकराव से जुड़े प्रावधान
इस पैनल का गठन SEBI के सदस्यों और अधिकारियों द्वारा संपत्ति, निवेश, देनदारियों और अन्य संबंधित मामलों के खुलासे तथा हितों के टकराव से जुड़े मौजूदा प्रावधानों की व्यापक समीक्षा करने के लिए किया गया था. बोर्ड ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIFs) से जुड़े ‘ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस’ (व्यापार करने में आसानी) के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. इसने AIFs को किसी स्कीम को बंद करने में लचीलापन देने वाले एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है.
कारोबार करने में आसानी
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) के लिए कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए, मार्केट रेगुलेटर ने ऐसे उपायों को मंजूरी दी है जिनका मकसद कैश लगाने को आसान बनाना, उधार लेने की सहूलियत बढ़ाना और रियायत खत्म होने के बाद एसेट को संभालने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, साथ ही निवेशकों की सुरक्षा के मौजूदा नियमों को भी बनाए रखना है.
अब InvITs को किसी प्रोजेक्ट की रियायत अवधि खत्म होने के बाद भी स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) को अपने पास रखने की अनुमति होगी. मौजूदा नियमों के तहत, एक SPV को अपनी कम से कम 90% एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में रखनी होती है. जब रियायत खत्म हो जाती है, तो एसेट आम तौर पर सरकार के पास वापस चली जाती है, जिससे SPV के पास कोई योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट नहीं बचती है.
फिट एंड प्रॉपर पर्सन
साथ ही, इसने मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ (उपयुक्त और सही व्यक्ति) के मानदंडों में आमूल-चूल बदलाव का प्रस्ताव रखा. इसमें आर्थिक अपराध के मामलों में FIR, शिकायतें या चार्जशीट दायर होने पर होने वाली अपने-आप अयोग्यता को हटाना शामिल है.
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