चमक फीकी पड़ते ही बाजार में हाहाकार, चांदी और सोने के ETF 8% तक टूटे, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका
सिर्फ कुछ दिनों पहले रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली चांदी अब तेज करेक्शन के दौर में है. जानकार मानते हैं कि मार्जिन नियमों में बदलाव, डॉलर की मजबूती और वैश्विक संकेतों ने मिलकर इस गिरावट को तेज किया. हालांकि एक्सपर्ट यह भी कह रहे हैं कि लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं हुई है.
Gold-Silver ETF crash: कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को निवेशकों के लिए बड़ा झटका देखने को मिला. चांदी और सोने से जुड़े ETF में अचानक भारी गिरावट आई, जिससे कई लोगों की चिंता बढ़ गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 70 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गई, वहीं भारत में भी फ्यूचर्स भाव तेजी से टूटे. सिर्फ कुछ दिनों पहले रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली चांदी अब तेज करेक्शन के दौर में है. जानकार मानते हैं कि मार्जिन नियमों में बदलाव, डॉलर की मजबूती और वैश्विक संकेतों ने मिलकर इस गिरावट को तेज किया. हालांकि एक्सपर्ट यह भी कह रहे हैं कि लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं हुई है. विस्तार से समझते हैं कि आखिर गिरावट क्यों आई और आगे क्या हो सकता है.
चांदी और सोने में तेज गिरावट
शुक्रवार को भारत के Multi Commodity Exchange of India पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 6 प्रतिशत टूटकर 2.29 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई. एक हफ्ते में यह करीब 45 प्रतिशत गिर चुकी है, जबकि इससे पहले यह 4.2 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी. मई डिलीवरी वाली चांदी भी करीब 4 प्रतिशत नीचे आई. सोने के फ्यूचर्स में भी कमजोरी दिखी.
ETF में बिकवाली
चांदी से जुड़े ETF में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. Edelweiss Asset Management का सिल्वर ETF करीब 8 प्रतिशत टूट गया. कुछ और बड़े ETF भी 6 से 7 प्रतिशत तक नीचे आए. सोने वाले ETF में गिरावट थोड़ी कम रही और कई फंड करीब 2 से 3 प्रतिशत गिरे.
सिल्वर ETF की गिरावट
| ETF का नाम | कितनी गिरावट (%) |
|---|---|
| Edelweiss Silver ETF | 8.01% |
| Aditya Birla Sun Life Silver ETF | 7.38% |
| SBI, HDFC, Zerodha, UTI, Tata, ICICI, Nippon India Silver ETF | लगभग 7% |
| Axis, Kotak, DSP, Motilal Oswal, Mirae, 360 ONE और बाकी | लगभग 6% |
गोल्ड ETF की गिरावट
| ETF का नाम | कितनी गिरावट (%) |
|---|---|
| Motilal Oswal Gold ETF | लगभग 3% |
| ICICI Prudential, DSP, UTI और बाकी गोल्ड ETF | लगभग 2% |
गोल्ड-सिल्वर का हाल
गिरावट की बड़ी वजह क्या है
एक्सपर्ट का कहना है कि हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली होना सामान्य है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर CME Group ने सोने और चांदी दोनों पर मार्जिन बढ़ा दिए, जिससे उधार लेकर ट्रेड करने वालों को अपनी पोजिशन काटनी पड़ी. इससे बिकवाली और तेज हो गई. इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Kevin Warsh को फेड प्रमुख के तौर पर नामित करने की खबर से डॉलर मजबूत हुआ. मजबूत डॉलर आमतौर पर कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक माना जाता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




