मेटल बाजार में कुछ बड़ा होने वाला है, सोने- चांदी से 3 घंटे में ₹187830800000000 साफ; एक्सपर्ट ने दिए 3 बड़े संकेत
युद्ध या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं और सोना-चांदी की कीमतें बढ़ जाती हैं. लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलटी है. अब बाजार सिर्फ खबरों से नहीं, बल्कि ब्याज दर, बॉन्ड यील्ड और बड़े निवेशकों की रणनीति से चल रहा है. ऐसे में निवेशकों को पुराने नियमों को छोड़कर नए संकेतों को समझने की जरूरत है.
Metal Market: दुनिया भर के बाजारों में इस समय कुछ असामान्य होता दिख रहा है. आमतौर पर जब युद्ध या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं और सोना-चांदी की कीमतें बढ़ जाती हैं. लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलटी है. तनाव बढ़ने के बावजूद सोना और चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली है. कुछ ही घंटों में इनकी वैल्यू में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की कमी आ गई.
यह सिर्फ एक सामान्य गिरावट नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि बाजार के अंदर गहरी हलचल चल रही है. अब बाजार सिर्फ खबरों से नहीं, बल्कि ब्याज दर, बॉन्ड यील्ड और बड़े निवेशकों की रणनीति से चल रहा है. ऐसे में निवेशकों को पुराने नियमों को छोड़कर नए संकेतों को समझने की जरूरत है.
सोना-चांदी में भारी गिरावट
सोना और चांदी को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है. जब भी दुनिया में जंग या अनिश्चितता बढ़ती है, इनकी कीमतें ऊपर जाती हैं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. तनाव के बीच ही सोना और चांदी में तेज गिरावट आ गई. इससे पारंपरिक बाजार का पैटर्न टूटता हुआ नजर आ रहा है.
| मेटल | कीमत (USD/OZ) | बदलाव (USD) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| चांदी | 62.0950 | -5.8020 | -8.55% |
| सोना | 4,250.205 | -241.465 | -5.38% |
बॉन्ड यील्ड में तेजी बना सबसे बड़ा कारण
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का तेजी से बढ़ना है. खासकर 10 साल के बॉन्ड की यील्ड हाल के हफ्तों में तेजी से ऊपर गई है. जब यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों को बॉन्ड से ज्यादा रिटर्न मिलता है. ऐसे में सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं. यही कारण है कि सोने-चांदी पर दबाव बढ़ रहा है.
बड़े निवेशकों की मजबूरी में बिकवाली
बाजार में जब दबाव बढ़ता है, तो बड़े निवेशक मजबूरी में अपने सबसे आसानी से बिकने वाले एसेट बेचते हैं. सोना और चांदी ऐसे ही एसेट हैं. मार्जिन कॉल या नुकसान को कवर करने के लिए इनकी बिकवाली तेज हो जाती है. इससे गिरावट और ज्यादा बढ़ जाती है.
तेल की कीमत और महंगाई की चिंता
दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जोखिम के कारण तेल महंगा हो सकता है. इससे महंगाई बढ़ने का डर है. महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं. यही कारण है कि बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत हो रहे हैं, जो सोने के लिए निगेटिव है.
सेफ हेवन से रिस्क एसेट जैसा व्यवहार
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सोना अब सेफ निवेश जैसा व्यवहार नहीं कर रहा. बल्कि यह शेयर बाजार की तरह ही चल रहा है. यानी जब जोखिम बढ़ रहा है, तब भी यह सुरक्षा नहीं दे पा रहा. इससे निवेशकों को अपनी रणनीति पर फिर से सोचने की जरूरत है. पूरी स्थिति का सबसे बड़ा संकेत यही है कि अब बाजार सिर्फ जंग या खबरों से नहीं चल रहा. बल्कि ब्याज दर, लिक्विडिटी और निवेशकों की पोजिशनिंग ज्यादा अहम हो गई है. आने वाले समय में यही फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे.
इसे भी पढ़ें- 3 महीने में 432% तक चढ़े 5 स्टॉक्स, 2 बने मल्टीबैगर; भाव ₹20 से कम, जानें कौन है असली रिटर्न किंग?
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
सेंसेक्स में 1800 अंकों की गिरावट के बावजूद इन 25 शेयरों में लगा अपर सर्किट, 52 वीक हाई पर पहुंचे स्टॉक, निवेशक हुए मालामाल
₹100 अरब के मार्केट में तेजी से बढ़ रही ये पेंट कंपनी, 31% बढ़ा नेट प्रॉफिट, 5 साल में 150% रिटर्न, रखें नजर
55% मार्जिन, 44% सिल्वर से मुनाफा… फिर क्यों Hindustan Zinc के शेयर से पीछा छुड़ा रहे निवेशक
