Closing Bell: बिकवाली से त्राहिमाम! सेंसेक्स 1635 अंक टूटा, निफ्टी 22400 के नीचे आया, निवेशकों के डूबे 9 लाख करोड़
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.68 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.66 फीसदी गिरकर बंद हुए. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा दबाव में रहे. वहीं निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस में थोड़ी कम गिरावट दर्ज की गई.
वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी सत्र में बाजार में भयंकर बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी करीब 2.14 फीसदी यानी 488.20 अंक गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 2.22 फीसदी यानी 1,635.67 अंक टूटकर 71,947.55 के स्तर पर आ गया. वहीं, ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.68 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.66 फीसदी गिरकर बंद हुए. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा दबाव में रहे. वहीं निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस में थोड़ी कम गिरावट दर्ज की गई. 27 मार्च को BSE का मार्केट कैप 4 करोड़ 21 लाख था, जो 30 मार्च को गिरकर 4 करोड़ 12 लाख पर आ गया है. यानी निवेशकों के एक दिन में करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
रुपये में बिकवाली
करेंसी मार्केट में, भारतीय रुपया दिन के दौरान रिकॉर्ड निचले स्तर 95.12 तक फिसल गया था, लेकिन अंत में रिकवरी करते हुए लगभग स्थिर 94.83 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के 94.81 के मुकाबले लगभग फ्लैट रहा.
सेंसेक्स के शेयरों का हाल

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

आखिर क्यों आई भारी बिकवाली?
युद्ध लंबा खिंचने की आशंका
जानकारों का मानना है कि ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा चल सकता है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है. उनका कहना है कि अगर ईरान की पुरानी लीडरशिप की ओर से हालात सामान्य होने का संकेत मिलता है, तो निफ्टी में तेजी देखी जा सकती है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. ब्रेंट क्रूड फिर से 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है.
FIIs की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. FIIs की ओर से जारी बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है, जिसका असर अब भी देखने को मिल रहा है.
रुपए में अस्थिरता
रुपए की कमजोरी भी बाजार के लिए बड़ा नेगेटिव साइन है. आज रुपया डॉलर के मुकाबले 95 रुपये पार पहुंच गया. हालांकि, रुपया मजबूत शुरुआत के बावजूद टिक नहीं पाया और बाद में इसमें तेज गिरावट देखने को मिली.
मिड और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट से बाजार का सेंटिमेंट और कमजोर हुआ है. मार्च महीने में आमतौर पर दबाव रहता है और इस बार इन सेगमेंट्स में करीब 2.5 से 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
कैसा रहा था कल का बाजार?
पिछले कारोबारी दिन, शुक्रवार को बाजार में बिकवाली देखने को मिली थी. शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690 अंक गिरकर 73,583 पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 486 अंक टूटकर 22,819 के स्तर पर आ गया था. बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली थी. कारोबार के दौरान करीब 3,420 शेयर गिरे जबकि सिर्फ 765 शेयरों में बढ़त रही थी. सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. खासकर PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल, कैपिटल गुड्स और प्राइवेट बैंक भी करीब 2 प्रतिशत टूटते दिखे थे.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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