बाजार में ब्लडबाथ! निफ्टी 25000 के नीचे, 45 मिनट में ₹5 लाख करोड़ स्वाहा, जानें फिर क्यों मची तबाही
सुबह करीब 10 बजकर 56 मिनट पर Sensex करीब 940 अंक टूटकर 81,235 के आसपास आ गया, जबकि Nifty करीब 285 अंक गिरकर 24950 के स्तर पर फिसल गया. मंगलवार को ही बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. उस दिन Sensex करीब 1.3 प्रतिशत और Nifty करीब 1.4 प्रतिशत टूट गया था.
बुधवार को शेयर बाजार में बिकवाली का ब्लडबाथ देखने को मिल. पिछले सेशन की तेज गिरावट के बाद आज भी Sensex और Nifty कमजोरी के साथ ट्रेड करते दिखे. सुबह करीब 10 बजकर 56 मिनट पर Sensex करीब 940 अंक टूटकर 81,235 के आसपास आ गया, जबकि Nifty करीब 285 अंक गिरकर 24950 के स्तर पर फिसल गया. मंगलवार को ही बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. उस दिन Sensex करीब 1.3 प्रतिशत और Nifty करीब 1.4 प्रतिशत टूट गया था. यह बीते आठ महीनों की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट रही और दोनों इंडेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुए थे. आज महज शुरु के 45 मिनट में ही निवेशकों के करीब 5 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं. आइए बाजार में गिरावट के पीछे 6 बड़े कारण जानते हैं
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे टूटकर 91.41 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. लगातार डॉलर की मांग और कमजोर ग्लोबल माहौल ने रुपये पर दबाव बना दिया है.
टेक्निकल लेवल
आज के सत्र में निफ्टी ने अपने 200 DMA 25,123 के लेवल को ब्रेक कर दिया है, जिससे बाजार टेक्निकली कमजोर हो गया है. अब निफ्टी अपने सभी अहम मूविंग एवरेज को तोड़ दिया है, जिससे देखते हुए निवेशक बिकवाली कर रहे हैं.
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार शेयर बेच रहे हैं. मंगलवार को FII ने करीब 2,938.33 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. जनवरी महीने में यह लगातार 11वां सेशन रहा जब विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की. इस महीने सिर्फ 2 जनवरी को FII ने करीब 289.80 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, बाकी सभी दिनों में बाजार से पैसा निकाला गया है.
कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. दक्षिण कोरिया का Kospi, जापान का Nikkei 225 और हांगकांग का Hang Seng लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे. वहीं अमेरिका के बाजारों में भी मंगलवार रात भारी गिरावट आई. Nasdaq करीब 2.39 प्रतिशत, S&P 500 करीब 2.06 प्रतिशत और Dow Jones करीब 1.76 प्रतिशत टूट गया.
India VIX में तेजी
बाजार में डर का पैमाना माना जाने वाला India VIX करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 17.22 पर पहुंच गया. VIX में तेजी का मतलब होता है कि निवेशकों में अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है. ऐसे माहौल में आमतौर पर निवेशक शेयरों से दूरी बनाते हैं और रिस्क लेने से बचते हैं.
जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर
जियो पॉलिटिकल टेंशन भी बाजार पर भारी पड़ रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर बयान और यूरोप पर टैरिफ की धमकी से ग्लोबल ट्रेड को लेकर चिंता बढ़ गई है.
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