25% सस्ते मिल रहे Adani Power के शेयर, अनियमित कैश फ्लो और कर्ज ने बिगाड़ा था खेल, अब हो रहा कमबैक
Adani Power का शेयर अपने 52-वीक हाई से करीब 25% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, जबकि ऊंचे कर्ज और अनियमित कैश फ्लो से जूझने के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति में अब सुधार दिख रहा है. मजबूत कैश फ्लो, घटता कर्ज और बेहतर ऑपरेशनल कंट्रोल के चलते निवेशकों के बीच एक बार फिर इस शेयर के कमबैक की चर्चा तेज हो गई है.
Adani Power Share Price: अडानी पावर लंबे समय तक ऐसा शेयर रहा है जिसने 5 साल में 1127% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इसके शेयरों में कई साल तक तेज उछाल देखने को मिला. लेकिन बाद में उतनी ही तेज गिरावट देखने को मिली. ऊंचा कर्ज, अनियमित कैश फ्लो और कमाई में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बनने नहीं दिया. शेयर में कभी मुनाफा दिखता भी था, तो टिकता नहीं था. हालांकि अब अडानी के शेयरों ने कमबैक किया है. अगर आप भी इसमें दांव लगाने की सोच रहे हैं तो इससे जुड़े नफा-नुकसान को जान लें.
कंपनी की चुनौतियां
कंपनी के शुरुआती सालों में सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि उसकी क्षमता तो थी, लेकिन उस पर पूरा कंट्रोल नहीं था. अडानी पावर के पास देश के सबसे बड़े थर्मल पावर पोर्टफोलियो में से एक था, लेकिन फ्यूल कनेक्शन की अनिश्चितता और पावर परचेज एग्रीमेंट में देरीके चलते इस पर प्रभाव पड़ा. इसके अलावा इंपोर्टेड कोयले पर निर्भरता से लागत बढ़ी, प्लांट्स नियमित रूप से नहीं चल पाए और ऊंची फिक्स्ड कॉस्ट ने कैश फ्लो को दबाव में ला दिया. साथ ही कोयले की उपलब्धता, टैरिफ विवाद और रेगुलेटरी अनिश्चितता ने कंपनी की कमाई को हमेशा सवालों के घेरे में रखा.
कर्ज ने बढ़ाई मुसीबत
अडानी पावर के लिए कर्ज एक और बड़ी समस्या बनी. ब्याज खर्च ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा ले लिया, जिससे मामूली ऑपरेशनल कमाई को बुरी तरह प्रभावित किया. पहले के कारोबारी चक्र में टैरिफ या डिमांड बढ़ने पर कागजों पर तो मुनाफा आता, लेकिन कैश फ्लो पीछे रह जाता और कर्ज जस का तस बना रहता.
सुधरे हालात
कर्ज में फंसी और वित्तीय स्थिति में डामाडोल हो अडानी पावर की स्थिति अब पहले से सुधरी है. ऑपरेशन और लागत पर नियंत्रण आया है. उसके बाद कैश फ्लो सुधरे और फिर मुनाफे में तेजी दिखी. फ्यूल सोर्सिंग ज्यादा लोकल और भरोसेमंद हुई, लॉजिस्टिक्स बेहतर हुए और प्लांट्स ज्यादा नियमित रूप से चलने लगे. इससे फिक्स्ड कॉस्ट ज्यादा यूनिट्स में बंटी और प्लांट लोड फैक्टर ज्यादा स्थिर हुआ.
आंकड़ों पर भी दिखा असर
- कंपनी के वित्तीय आंकड़े इस बदलाव की साफ तस्वीर पेश करते हैं. FY25 में अदानी पावर का रेवेन्यू 56,203 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया.
- जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 21,418 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा. एक्सेप्शनल आइटम्स को हटाने के बाद नेट प्रॉफिट 12,762 करोड़ रुपये तक पहुंचा.
- तिमाही EBITDA ऊंचा बना रहा और नेट मार्जिन ज्यादातर साल डबल डिजिट में रहे.
- अदानी पावर के ऑपरेटिंग कैश फ्लो में लगातार सुधार हुआ. इस नकदी का इस्तेमाल विस्तार की बजाय बैलेंस शीट सुधारने में किया गया.
- कंपनी ने इंटरनल एक्रूअल्स के जरिए नेट डेट में बड़ी कटौती की. अब इसका डेट टू इक्विटी रेशियो 0.83 रह गया है. इससे ब्याज खर्च घटा और लिक्विडिटी का दबाव कम हुआ है.
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शेयर का हाल
Adani Power के शेयर की वर्तमान कीमत 137 रुपये है. 3 महीने में भले ही ये 19 फीसदी गिरा हो, लेकिन 6 महीने में ये करीब 16 फीसदी चढ़ा है. साल भर में इसमें 26 फीसदी की तेजी आई है. 3 साल में इसने 149 फीसदी और 5 साल में 1127 फीसदी का ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है. शेयर का 52 वीक हाई 182.70 रुपये है. ये शेयर अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 25 फीसदी डिस्काउंट पर मिल रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.