इस सेक्टर के 6 स्टॉक्स 18% तक उछले, ₹1 से ₹29 है कीमत, जानें सीजफायर होते ही इन शेयरों पर क्यों टूट पड़े निवेशक
सस्ते शेयरों में बड़ी कमाई का मौका दिख रहा है. ₹1 से ₹29 की रेंज वाले डिस्ट्रीब्यूटर सेक्टर के 6 स्टॉक्स में 11% से 18% तक की तेजी आई है. सीजफायर के बाद लागत घटने और मार्जिन सुधरने की उम्मीद से निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है.

Small Stock Rally: सीजफायर की खबर आते ही डिस्ट्रीब्यूटर और ट्रेडिंग से जुड़े कुछ छोटे स्टॉक्स में 11% से लेकर 18% तक की तेज उछाल देखने को मिली है. दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों के शेयर सिर्फ ₹1 से ₹29 के दायरे में हैं, लेकिन रिटर्न ने बड़े शेयरों को भी पीछे छोड़ दिया है.
किन स्टॉक्स में आई तेजी?
इस तेजी में Samyak International, Yash Management, Uma Exports, Trio Mercantile, Aten Papers और Tai Industries जैसे स्टॉक्स शामिल हैं.
| कंपनी का नाम | मौजूदा कीमत (₹) | बढ़त (%) |
|---|---|---|
| Samyak International | 17.27 | 17.08% |
| Yash Management & Satellite | 8.99 | 18.29% |
| Uma Exports | 29.53 | 14.10% |
| Trio Mercantile & Trading | 1.09 | 13.54% |
| Aten Papers & Foam | 20.39 | 13.28% |
| Tai Industries | 29.00 | 11.20% |
क्या करती हैं ये कंपनियां
ये ज्यादातर कंपनियां ट्रेडिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट से जुड़ी हैं. ऐसी कंपनियां अलग-अलग सेक्टर्स के प्रोडक्ट्स, जैसे कमोडिटी, पेपर, टेक्नोलॉजी या कंज्यूमर गुड्स का सप्लाई और वितरण करती हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह की कंपनियां आमतौर पर स्मॉल-कैप और लो-लिक्विडिटी वाली होती हैं, जिनमें तेजी और गिरावट दोनों तेज होती है.
सीजफायर से क्यों भाग रहे हैं ये शेयर?
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और वह 94 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. इसका सीधा फायदा ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को मिलता है, क्योंकि:
- लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट लागत कम होती है
- इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सस्ता हो जाता है
- मार्जिन बेहतर होते हैं
यानी इन कंपनियों की कमाई पर सकारात्मक असर पड़ता है, जिससे निवेशक इन शेयरों में तेजी से पैसा लगाते हैं.
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कितनी मजबूत हैं ये कंपनियां?
मार्केट ऐक्सपर्ट्स के मुताबिक, हालांकि तेजी आकर्षक दिखती है, लेकिन इन कंपनियों की फंडामेंटल की मजबूती सीमित मानी जाती है. ज्यादातर कंपनियां स्मॉल-कैप कैटेगरी में आती हैं और इनकी शेयरहोल्डिंग व बिजनेस स्केल भी सीमित होता है. इसी वजह से इनमें जोखिम भी ज्यादा होता है और कीमतें खबरों के हिसाब से तेजी से बदलती हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.