घाटे में कंपनी फिर भी क्यों हो रही बंपर खरीदारी, 6 महीने में 6 गुना हुआ पैसा, 43 से ₹1800 पहुंचा शेयर
8 जनवरी के कारोबार में Swan Defence का शेयर 5 फीसदी की तेजी के साथ 1860 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 9798.89 करोड़ रुपये है. फिलहाल कंपनी का पीई रेशियो नेगेटिव 77.28 है, जो इसके घाटे को बताता है.
डिफेंस सेक्टर की कंपनी Swan Defence and Heavy Industries Limited इन दिनों शेयर बाजार में जोरदार चर्चा में है. कंपनी के शेयर में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और हालिया कारोबारी सत्र में यह 5 फीसदी उछलकर 1860 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. बीते एक हफ्ते में शेयर करीब 34 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि पिछले 6 महीनों में इसमें करीब 612 फीसदी और बीते एक साल में करीब 48500 फीसदी की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. पिछले 1 साल में पहले इसके शेयरों का भाव 43 रुपये के करीब था.
कंपनी का सफर और नाम बदलने की कहानी
Swan Defence की शुरुआत 17 अक्टूबर 1997 को Pipavav Ship Dismantling and Engineering Limited के नाम से हुई थी. इसके बाद कंपनी का नाम कई बार बदला गया. 2005 में यह Pipavav Shipyard Limited बनी, फिर 2011 में Pipavav Defence and Offshore Engineering Co Limited. 2016 में कंपनी का नाम Reliance Defence and Engineering Limited रखा गया, जिसे 2017 में बदलकर Reliance Naval and Engineering Limited किया गया. आखिरकार 2 जनवरी 2025 को कंपनी का नया नाम Swan Defence and Heavy Industries Limited रखा गया, जिसे भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय से मंजूरी मिली.
डिफेंस और शिपबिल्डिंग में मजबूत मौजूदगी
Swan Defence भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर कंपनी है, जिसे भारतीय नौसेना के लिए Naval Offshore Patrol Vessels बनाने का लाइसेंस और कॉन्ट्रैक्ट मिला था. कंपनी शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और हेवी इंजीनियरिंग के कारोबार में सक्रिय है.
कंपनी के पास भारत का सबसे बड़ा शिपबिल्डिंग और रिपेयर इंफ्रास्ट्रक्चर है. इसमें दुनिया का सबसे बड़ा ड्राई डॉक भी शामिल है. यह देश की एकमात्र ऐसी शिपयार्ड है, जहां पूरी तरह मॉड्यूलर शिपबिल्डिंग की सुविधा मौजूद है.
वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत
सितंबर 2025 को खत्म तिमाही में कंपनी का नेट लॉस घटकर 19.86 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह नुकसान 30.79 करोड़ रुपये था. ऑपरेशंस से रेवेन्यू में तेज उछाल देखने को मिला और यह 4.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 39.57 करोड़ रुपये हो गया. हाफ ईयर आधार पर कंपनी को 53.39 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है. बोर्ड ने फंड जुटाने के लिए डिबेंचर जारी करने पर भी विचार किया है और इसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पोस्टल बैलेट के जरिए ली जाएगी.
मर्जर और विस्तार की तैयारी
कंपनी ने Triumph Offshore Private Limited के साथ मर्जर स्कीम को मंजूरी दे दी है, जो रेगुलेटरी अप्रूवल और NCLT की स्वीकृति के अधीन है. इससे कंपनी के शिपबिल्डिंग और रिपेयर बिजनेस को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा Swan Defence ने गुजरात मैरिटाइम बोर्ड के साथ करीब 4250 करोड़ रुपये का MoU साइन किया है. इस समझौते के तहत शिपबिल्डिंग क्षमता बढ़ाने, मैरिटाइम क्लस्टर विकसित करने और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर काम किया जाएगा.
शेयर का हाल
8 जनवरी के कारोबार में Swan Defence का शेयर 5 फीसदी की तेजी के साथ 1860 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 9798.89 करोड़ रुपये है. फिलहाल कंपनी का पीई रेशियो नेगेटिव 77.28 है, जो इसके घाटे को बताता है.
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