Tata Power vs Adani Power: कौन है रिन्यूएबल सेक्टर का असली किंग? किसका फ्यूचर प्लान दमदार, कौन बड़ा मल्टीबैगर
9 फरवरी को बाजार खुलने से पहले टाटा पावर के शेयरों का भाव 365 रुपये था. पिछले 5 साल में इसने 300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं, अडानी पावर के शेयरों का अभी भाव 152 रुपये है. पिछले 5 साल में इसने 1300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. हालांकि, हाल के कुछ महीनों में गिरावट देखने को मिली है.
भारत के पावर सेक्टर में Tata Power और Adani Power दो बड़े नाम हैं. एक टाटा ग्रुप की तो दूसरी अडानी ग्रुप की. इन दोनों कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. लेकिन दोनों की रणनीति एक दूसरे से काफी अलग है. हाल की तिमाही के नतीजों ने साफ कर दिया है कि जब हालात मुश्किल होते हैं, जैसे बिजली की मांग में कमी, मर्चेंट टैरिफ में गिरावट और रिन्यूएबल पावर का ज्यादा उत्पादन, तब डायवर्सिफाइड मॉडल और थर्मल आधारित मॉडल के नतीजों में फर्क साफ दिखने लगता है. अब सवाल ये कि इस सेक्टर का असली किंग कौन है?
बिजनेस ओवरव्यू
- Tata Power भारत की सबसे पुरानी और सबसे व्यापक पावर कंपनियों में से एक है. कंपनी बिजली के पूरे वैल्यू चेन में काम करती है, जिसमें जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रेडिंग शामिल है. बीते कुछ सालों में Tata Power ने थर्मल के साथ साथ रिन्यूएबल और सस्टेनेबल एनर्जी पर जोर बढ़ाया है. इसके पोर्टफोलियो में थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड पावर का संतुलित मिश्रण है.
- वहीं Adani Power, Adani Group का हिस्सा है और यह भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है. इसकी पहचान बड़े पैमाने पर कोयला आधारित बिजली उत्पादन से है, जिसकी यूनिट्स कई राज्यों में फैली हुई हैं. कंपनी का मुख्य फोकस थर्मल पावर पर है, जबकि रिन्यूएबल में इसकी मौजूदगी ग्रुप की दूसरी कंपनियों के जरिए है.
- रणनीति के स्तर पर भी फर्क साफ है. Tata Power डायवर्सिफिकेशन और लॉन्ग टर्म सस्टेनेबिलिटी पर काम कर रही है, जबकि Adani Power बड़े पैमाने की थर्मल क्षमता और लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट पर निर्भर है. यही अंतर दोनों कंपनियों के बाजार उतार चढ़ाव से निपटने के तरीके को तय करता है.
Q3 का प्रदर्शन
- Q3 FY26 में Tata Power का ऑपरेशंस से रेवेन्यू रुपये 13,948 करोड़ रहा, जो Q3 FY25 के रुपये 15,391 करोड़ के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत कम है. तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. EBITDA रुपये 3,042 करोड़ रहा, जो साल दर साल 1.2 प्रतिशत कम है. हालांकि EBITDA मार्जिन में अच्छी बढ़त देखने को मिली और यह 22 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो साल दर साल करीब 200 बेसिस प्वाइंट ज्यादा है. नेट प्रॉफिट की बात करें तो Tata Power का मुनाफा रुपये 1,194 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर है.
- दूसरी ओर Adani Power का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q3 FY26 में रुपये 12,451 करोड़ रहा, जो साल दर साल 9 प्रतिशत कम है. EBITDA रुपये 4,238 करोड़ रहा, जिसमें साल दर साल 16 प्रतिशत की गिरावट आई. EBITDA मार्जिन घटकर 34 प्रतिशत पर आ गया. Adani Power का नेट प्रॉफिट रुपये 2,488 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत कम है.
सेक्टर पर दबाव की वजह
इस तिमाही में पावर सेक्टर पर दबाव की बड़ी वजह कमजोर बिजली मांग रही. जल्दी और लंबे मानसून, साथ ही ठंडे मौसम के चलते बिजली की खपत घटी. इसके अलावा रिन्यूएबल पावर का उत्पादन बढ़ने से थर्मल पावर की मांग कम हुई, जिससे शॉर्ट टर्म पावर कीमतों पर असर पड़ा.
डिविडेंड पॉलिसी
Adani Power का हाल के वर्षों में डिविडेंड देने का कोई रिकॉर्ड नहीं है. वहीं Tata Power पिछले कई सालों से नियमित डिविडेंड देती आ रही है. बीते पांच सालों में इसका डिविडेंड पेआउट रेशियो करीब 19 प्रतिशत रहा है और मौजूदा डिविडेंड यील्ड करीब 0.61 प्रतिशत है.
क्षमता और विस्तार योजनाएं
Tata Power की कुल क्षमता 26,346 मेगावाट है, जिसमें से 16,310 मेगावाट चालू है और बाकी निर्माणाधीन है. ऑपरेशनल क्षमता में थर्मल, सोलर, विंड और हाइड्रो का संतुलित मिश्रण है. कंपनी की करीब 54 प्रतिशत क्षमता क्लीन और ग्रीन एनर्जी से आती है. इसके अलावा Tata Power की विदेशों में भी मौजूदगी है, जैसे जॉर्जिया, जाम्बिया, भूटान और इंडोनेशिया में पावर प्रोजेक्ट और कोल माइनिंग. ये निवेश कंपनी को ईंधन सुरक्षा और अतिरिक्त कमाई का जरिया देते हैं.
Adani Power की मौजूदा ऑपरेटिंग क्षमता 18,150 मेगावाट है, जो 13 पावर प्लांट्स में फैली है. इसके बड़े प्रोजेक्ट्स गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों में हैं. कंपनी के करीब 90 प्रतिशत क्षमता पर लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट हैं, जिससे रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिलती है.
शेयरों का हाल
9 फरवरी को बाजार खुलने से पहले टाटा पावर के शेयरों का भाव 365 रुपये था. पिछले 5 साल में इसने 300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं, अडानी पावर के शेयरों का अभी भाव 152 रुपये है. पिछले 5 साल में इसने 1300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है.
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