डेटा सेंटर से रोबोट तक, भारत की 3 दिग्गज IT कंपनियों की AI दौड़ तेज, दांव पर 2.4 ट्रिलियन डॉलर का भविष्य

भारत की तीन बड़ी IT कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज इस बड़ी दौड़ में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं. तीनों कंपनियां अलग अलग रणनीति अपना रही हैं. कोई इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है, कोई AI एजेंट पर और कोई पूरी AI व्यवस्था बनाने पर.

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TCS vs. Infosys vs. HCL Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल एक नया तकनीकी शब्द नहीं रह गया है. यह कंपनियों के काम करने का तरीका बदल रहा है. जो कभी प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ था, वह अब कारोबार की रीढ़ बनता जा रहा है. वैश्विक स्तर पर कंपनियां अपने डेटा, क्लाउड और डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने में भारी निवेश कर रही हैं. Markets and Markets के मुताबिक अनुमान है कि साल 2025 तक दुनिया का AI खर्च करीब 372 अरब डॉलर और साल 2032 तक यह बढ़कर लगभग 2.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. इसका मतलब साफ है कि AI आने वाले सालों में टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी ताकत बनेगा.

भारत की तीन बड़ी IT कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज इस बड़ी दौड़ में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं. तीनों कंपनियां अलग अलग रणनीति अपना रही हैं. कोई इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है, कोई AI एजेंट पर और कोई पूरी AI व्यवस्था बनाने पर. ग्राहकों को अब तेज काम, कम लागत और बेहतर परिणाम चाहिए. इसलिए ये कंपनियां सिर्फ सेवाएं नहीं दे रहीं बल्कि AI आधारित समाधान बना रही हैं. यह बदलाव भारतीय IT उद्योग के लिए बड़ा अवसर है.

Tata Consultancy Services

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने खुद को फुल स्टैक AI कंपनी बनाने का लक्ष्य रखा है. इसका मतलब है कि वह डेटा सेंटर से लेकर सॉफ्टवेयर तक हर स्तर पर AI समाधान देगी. कंपनी का AI कारोबार सालाना करीब 1.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. TCS ने Human plus AI मॉडल अपनाया है जिसमें इंसान और मशीन मिलकर काम करते हैं. कंपनी ने अमेरिका में बड़े ग्राहकों के लिए AI लैब बनाए हैं. TCS ने 1 अरब डॉलर का निवेश कर नया AI डेटा सेंटर बनाने की योजना भी घोषित की है. इसके अलावा उसने 700 मिलियन डॉलर में Coastal Cloud कंपनी खरीदी है. TCS अपने कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग दे रही है. अब उसके 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी एडवांस AI स्किल्स सीख चुके हैं.

Infosys

इंफोसिस ने AI एजेंट पर ज्यादा ध्यान दिया है. कंपनी के पास 500 से ज्यादा AI एजेंट हैं जो सॉफ्टवेयर बनाने और पुरानी तकनीक सुधारने में मदद करते हैं. इंफोसिस ने ब्रिटेन के NHS के साथ 1.6 अरब डॉलर का बड़ा करार किया है ताकि अस्पतालों में AI का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके. कंपनी का कहना है कि AI की मदद से कई पुराने और महंगे प्रोजेक्ट अब फायदे में बदल रहे हैं. हालांकि कंपनी यह भी मानती है कि AI से काम तेज होने के कारण कुछ पारंपरिक प्रोजेक्ट में मार्जिन दबाव आ सकता है.

HCL

HCL टेक्नोलॉजीज ने इंफ्रास्ट्रक्चर और फिजिकल AI पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. कंपनी का एडवांस AI कारोबार 20 प्रतिशत बढ़कर 146 मिलियन डॉलर हो गया है. HCL का मानना है कि आने वाले पांच साल में ज्यादातर निजी डेटा सेंटर को नए सिरे से अपग्रेड करना पड़ेगा. इससे कंपनी को बड़ा बिजनेस मिलेगा. HCL का AI Force प्लेटफॉर्म 60 बड़े ग्राहकों के साथ काम कर रहा है. कंपनी रोबोटिक्स, चिप डिजाइन और एज कंप्यूटिंग में भी निवेश कर रही है. उसने Nvidia और SAP जैसी कंपनियों के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट शुरू किए हैं. हाल ही में उसे 473 मिलियन डॉलर का बड़ा पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है.

कंपनीP/E10Y Median P/ERoCE (%)RoE (%)
TCS22.726.764.652.4
Infosys23.722.837.528.8
HCL Tech26.819.031.6125.0
Industry Median25.720.816.5
सोर्स: Screener.in (As of 16 January, 2026)

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