कोल्ड ड्रिंक कंपनी Coca-Cola लाएगी IPO, HCCB के जरिए 9027 करोड़ जुटाने की तैयारी, जानें कब होगा लॉन्च
Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट HCCB के जरिए करीब 9,027 करोड़ रुपये जुटाने के लिए IPO लाने की तैयारी में है. इसे जल्द ही लॉन्च किया जा सकता है. मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो, Jubilant Group के साथ साझेदारी और सेक्टर में रिकवरी के संकेत इस IPO को निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकते हैं.
Coca-Cola IPO: दुनिया की सबसे बड़ी बेवरेज कंपनी Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) को शेयर बाजार में लाने की योजना बना रही है. इस IPO के जरिए कंपनी करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 9,027 करोड़ रुपये जुटाने की प्लानिंग कर रही है. ऐसे में निवेशकों के लिए एक और बड़े IPO में दांव लगाने और कमाई का मौका होगा.
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि Coca-Cola ने इस प्रस्तावित लिस्टिंग के लिए Kotak, HDFC Group और Citibank जैसे बड़े निवेश बैंकों को नियुक्त किया है. Coca-Cola इस IPO के जरिए HCCB को करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 83,000 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन पर लिस्ट करना चाहती है.
कब आएगा IPO?
कंपनी की योजना है कि इस साल गर्मियों में ही IPO को लॉन्च किया जाए, हालांकि अगर पीक समर सीजन में बारिश की वजह से मांग प्रभावित होती है, तो इसे अगले साल तक के लिए टाला जा सकता है. हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
कंपनी का कारोबार
Coca-Cola भारत के 60,000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट की अगुवाई करती है. कंपनी देश में Coca-Cola, Thums Up, Sprite, Maaza, Kinley, Dasani, Georgia Coffee और Schweppes जैसे बड़े ब्रांड चलाती है. IPO लाने से पहले कोका-कोला ने हिंदुस्तान कोका-कोला में अपनी 40 फीसदी हिस्सेदारी Jubilant Bhartia Group को 12,500 करोड़ रुपये में बेच दी थी. यह कदम कोका-कोला की ग्लोबल एसेट लाइट रणनीति का हिस्सा है, जिसमें कंपनी ब्रांड, इनोवेशन और डिजिटल फोकस पर जोर दे रही है.
क्यों खास है साझेदारी?
Jubilant Group के साथ यह साझेदारी खास मानी जा रही है, क्योंकि जुबलियंट फूड वर्कस के पास भारत में Domino’s Pizza, Popeyes और Dunkin’ Donuts जैसे QSR ब्रांड्स की फ्रेंचाइजी है. इससे बेवरेज और फूड बिजनेस के बीच लॉन्ग टर्म सीनर्जी यानी गठजोड़ बनने की उम्मीद है.
वित्तीय स्थिति
वित्त वर्ष 2025 में HCCB का रेवेन्यू 12,751 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 9% कम है. कंपनी के मुताबिक, इसकी वजह कुछ मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स को स्वतंत्र बॉटलर्स को बेचना और पिछले साल गर्मियों में हुई लगातार बारिश से कमजोर मांग रही. मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फूड, बेवरेज और रेस्टोरेंट सेक्टर में अब रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं. हालिया कंसॉलिडेशन और कंज्यूमर डिमांड में सुधार के चलते Coca-Cola का यह IPO आने वाले समय में निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण साबित हो सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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