ऑटो बिक्री से लेकर GST बैठक तक… ये 5 बड़े फैक्टर्स तय करेंगे अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल, देखें पूरी लिस्ट
पिछले हफ्ते शुक्रवार, 29 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी 50, लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए. अगले हफ्ते ट्रंप के टैरिफ से टेक्सटाइल, उपकरण निर्माता, धातु, ऑटो और सीफूड जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं. IT और फार्मा सेक्टर पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, भले ही वे सीधे प्रभावित न हों. निवेशक अमेरिका और भारत के आर्थिक आंकड़ों, जैसे PMI, बेरोजगारी दर और जॉब डेटा, पर भी नजर रखेंगे.

Share market this week: पिछले हफ्ते शुक्रवार, 29 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी 50, लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 271 अंक यानी 0.34 फीसदी गिरकर 79,809.65 पर और निफ्टी 50 74 अंक यानी 0.30 फीसदी गिरकर 24,426.85 पर बंद हुआ. मिडकैप 0.41 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.29 फीसदी नीचे आए. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की चिंताओं ने निवेशकों का मनोबल कम किया.
मिला-जुला रह सकता है बाजार का रुख
मिंट के हवाले से एक्सपर्ट का कहना है कि बाजार में मिला-जुला रुख रह सकता है, जिन सेक्टरों में मांग मजबूत है, जैसे कि FMCG, ड्यूरेबल्स, डिस्क्रिशनरी, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर, वे GST में कटौती, मजबूत मांग और सरकारी खर्च से फायदा उठा सकते हैं. भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है, क्योंकि पहली तिमाही में GDP में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. लेकिन ट्रंप के टैरिफ से टेक्सटाइल, उपकरण निर्माता, धातु, ऑटो और सीफूड जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं. IT और फार्मा सेक्टर पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, भले ही वे सीधे प्रभावित न हों. निवेशक अमेरिका और भारत के आर्थिक आंकड़ों, जैसे PMI, बेरोजगारी दर और जॉब डेटा, पर भी नजर रखेंगे.
ये मुद्दे बाजार को करेंगे प्रभावित
ऑटो सेल्स डेटा अगस्त का महीना खत्म हो चुका है. कार व टू-व्हीलर कंपनियां जल्द ही अपनी बिक्री के आंकड़े जारी करेंगी. इन आंकड़ों से ऑटो सेक्टर के शेयरों पर असर पड़ सकता है. अगर बिक्री अच्छी रही, तो ऑटो कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है. |
ट्रंप टैरिफ का असर अमेरिका ने भारत के सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. यह 27 अगस्त से लागू हो चुका है. यह टैरिफ भारत के 45 अरब डॉलर के निर्यात को प्रभावित कर सकता है. भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने की वजह से 25 फीसदी एक्ट्रा टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है. अन्य एशियाई देशों, जैसे चीन (30%), वियतनाम (20%), इंडोनेशिया (19%) और जापान (15%) पर भारत की तुलना में कम टैरिफ है. इससे भारतीय प्रोडक्ट की प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ेगा. |
GST काउंसिल की बैठक 3-4 सितंबर को नई दिल्ली में GST काउंसिल की 56वीं बैठक होगी. इस बैठक में GST सिस्टम को दो-स्तरीय ढांचे में बदलने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. अगर GST दरों में कटौती होती है, तो FMCG, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों को फायदा हो सकता है. इस बैठक के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे. |
वैश्विक संकेत अमेरिका की एक अदालत ने फैसला दिया है कि ट्रंप द्वारा लगाए गए कुछ वैश्विक टैरिफ गैरकानूनी थे. यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीतियों के लिए झटका है और इससे व्यापार नीतियों पर बहस तेज हो सकती है. दूसरी ओर, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सितंबर में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. ये वैश्विक घटनाएं भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती हैं. |
FII और DII की गतिविधियां विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) डेरिवेटिव्स सेगमेंट में आक्रामक बिकवाली कर रहे हैं. उन्होंने इंडेक्स ऑप्शंस में 7,559 करोड़ रुपये और इंडेक्स फ्यूचर्स में 1,239 करोड़ रुपये की शॉर्ट पोजीशन ली है. इससे निफ्टी और बैंक निफ्टी पर दबाव बढ़ सकता है. अगर DII इस बिकवाली को संभाल नहीं पाए, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. |
इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार पर कई घरेलू और वैश्विक कारकों का असर रहेगा. ऑटो सेल्स डेटा, GST काउंसिल की बैठक, अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक आर्थिक संकेत और FII की बिकवाली बाजार की दिशा तय करेंगे. निवेशकों को सतर्क रहकर मल्टी-कैप रणनीति अपनानी चाहिए, जिसमें अलग-अलग सेक्टरों में निवेश किया जाए.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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