इस ट्रांसफार्मर स्टॉक में जोरदार उछाल, कंपनी ने दर्ज किया बंपर मुनाफा; दमदार ऑर्डरबुक के साथ कर रही कारोबार
Transformer Stock: कंपनी यह भी कहती है कि वह प्रॉफिटेबिलिटी, एग्जीक्यूशन की निश्चितता और मजबूत कैश फ्लो पर ध्यान देते हुए चुनिंदा नए ऑर्डर ले रही है. कंपनी का 3 साल का सेल्स CAGR 20 फीसदी है, जबकि TTM 16 प्रतिशत है.
Transformer Stock: स्मॉल कैप ट्रांसफार्मर स्टॉक के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिली, क्योंकि कंपनी वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 36 फीसदी का प्रॉफिट ग्रोथ और 1981 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक इनफ्लो की जानकारी दी. 8,223 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड के शेयर ने इंट्राडे में 8,245 रुपये का हाई बनाया, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस 7676 रुपये से करीब 7 फीसदी ज्यादा था. कंपनी का शेयर पांच साल में 544 फीसदी से अधिक उछला है.
ऑपरेशनल रेवेन्यू
लेटेस्ट तिमाही नतीजों में कंपनी ने देखा कि उसका ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़ा है, जो Q3FY25 में 483 करोड़ रुपये से बढ़कर Q3FY26 में 630 करोड़ रुपये हो गया है और तिमाही आधार पर भी यह Q2FY26 में 482 करोड़ रुपये से इसी प्रतिशत की दर से बढ़ा है. इसके अलावा, कंपनी ने दूसरे सोर्स से उसका रेवेन्यू 281 फीसदी बढ़ा है, जो Q3FY25 में 6 करोड़ रुपये से बढ़कर Q3FY26 में 26 करोड़ रुपये हो गया है.
नेट प्रॉफिट
नेट प्रॉफिट 36 फीसदी बढ़कर Q3FY25 में 73 करोड़ रुपये से Q3FY26 में 99 करोड़ रुपये हो गया, जबकि QoQ में Q2FY26 के 78 करोड़ रुपये से 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. फाइनेंशियल ईयर के 9M आंकड़ों में, कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 17 फीसदी बढ़कर 9MFY25 में 1309 करोड़ रुपये से 9MFY26 में 1536 करोड़ रुपये हो गया. इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 13 फीसदी बढ़कर 228 करोड़ रुपये से 257 करोड़ रुपये हो गया.
कंपनी का 3 साल का सेल्स CAGR 20 फीसदी है, जबकि TTM 16 प्रतिशत है. कंपनी का 3 साल का प्रॉफिट CAGR 36 प्रतिशत है, जबकि TTM आंकड़ा नेगेटिव 4 प्रतिशत है. कंपनी का ROCE 29 प्रतिशत और ROE 22 प्रतिशत भी है.
ऑर्डर बुक और कैपेक्स
कंपनी के पास अभी 2919 करोड़ रुपये का ऑर्डरबुक है, जो इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से 211 फीसदी बढ़ा है. 9MFY26 में कंपनी को 1981 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले, यह वैल्यू 16768 मेगावोल्ट-एम्पीयर ट्रांसफार्मर ऑर्डर के लिए है.
कंपनी यह भी कहती है कि वह प्रॉफिटेबिलिटी, एग्जीक्यूशन की निश्चितता और मजबूत कैश फ्लो पर ध्यान देते हुए चुनिंदा नए ऑर्डर ले रही है. हालांकि, इन्क्वायरी पाइपलाइन अच्छी बनी हुई है, लेकिन तांबे की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण एंड कस्टमर्स और कॉर्पोरेट्स से ऑर्डर क्लोजर में अस्थायी रूप से कमी आई है.
इसके अलावा, कंपनी ने यह भी बताया कि ग्रीनफील्ड EHV पावर ट्रांसफार्मर फैसिलिटी जून 2026 तक पूरी होने की राह पर है, जहां कंपनी ने फैक्ट्री के कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 124 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




