शेयर बाजार में आज रैली, इन 5 वजहों से गोली की रफ्तार से भागे Nifty-Sensex, निवेशकों ने कमाए 7 लाख करोड़

पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद भारतीय बाजार में इस हफ्ते तेज रिकवरी आई. बुधवार को भी सेंसेक्स 858 अंक और निफ्टी 254 अंक तक चढ़ गया. तेल कीमतों में नरमी, सस्ते शेयरों में खरीदारी, DII सपोर्ट, ग्लोबल संकेत और टेक्निकल बाउंस ने बाजार को सहारा दिया. आईटी और ऑटो शेयरों में खरीदारी से तेजी बनी रही.

शेयर बाजार में तेजी Image Credit: Canva

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते जोरदार वापसी देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 2000 अंक (2.7%) उछल चुका है. बुधवार को भी बाजार में मजबूती देखने को मिली. सेंसेक्स बुधवार यानी 18 दिसंबर को कारोबार के दौरान करीब 858 अंक चढ़कर 76,929.30 और निफ्टी 254 अंक बढ़कर 23,835.95 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी और ऑटो शेयरों में खरीदारी रही, जिसने बाजार को सपोर्ट दिया. इससे BSE की कंपनियों का मार्केट कैप 4,39,67,807.20 रुपये पहुंच गया जो मंगलवार को 43,284,171.73 रुपये था. इस तरह निवेशकों को 6,83,636 रुपये का लाभ हुआ. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी अनिश्चितता के बीच बाजार में तेजी क्यों आई? आइये इसके प्रमुख कारणों पर नजर डालते हैं?

तेजी के पीछे के 5 कारण

1. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

बाजार की रिकवरी का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में ठहराव है. ब्रेंट क्रूड करीब $101 प्रति बैरल और WTI $93 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो हाल के ऊपरी स्तर से नीचे है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल $120 से ऊपर जाता तो बाजार पर बड़ा दबाव बन सकता था लेकिन ऐसा नहीं होने से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है.

2. सस्ते शेयरों में खरीदारी और DII का सपोर्ट

पिछले हफ्ते बाजार में आई भारी गिरावट के बाद कई शेयर आकर्षक स्तर पर आ गए थे, जिससे बायिंग देखने को मिली. इसके अलावा घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को मजबूती दी. इस मजबूत खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचाया और तेजी को सहारा दिया.

  • मार्च में FIIs ने ₹70,989 करोड़ की बिकवाली की
  • वहीं DIIs ने ₹88,345 करोड़ की खरीदारी की

3. ग्लोबल संकेत और सेक्टर रोटेशन

एशियाई बाजारों में मजबूती और सकारात्मक ग्लोबल संकेतों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. साथ ही बाजार में सेक्टर रोटेशन देखने को मिला है. निवेशक अब आईटी और महंगे FMCG शेयरों से हटकर टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश कर रहे हैं.

4. ईरान-यूएस तनाव का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, हालांकि यह तुरंत समाप्त होने की संभावना कम है. इससे निवेशकों के मनोबल को कुछ सहारा मिला. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष की अवधि को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है और यह होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सप्लाई पर असर डाल सकता है.

5. टेक्निकल बाउंस का असर

एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार ओवरसोल्ड स्थिति से उबर रहा है. निफ्टी के लिए 23,800 स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके ऊपर टिकने पर यह 24,000 के स्तर तक जा सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, RSI इंडिकेटर धीरे-धीरे रिकवरी दिखा रहा है, जिससे टेक्निकल उछाल जारी रह सकता है.

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