Bloodbath in Stock Market: 5 दिन में 2000 अंक टूटा सेंसेक्‍स, डूबे 11 लाख करोड़, रसातल की ओर बाजार!

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल मिलाकर 2000 अंकों से ज्यादा यानी करीब 2.5 प्रतिशत टूट चुका है. वहीं निफ्टी 50 में भी करीब 2.3 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा. शुक्रवार 9 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों की सतर्कता ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है. कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक यानी 0.50 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 83,707.98 के निचले स्तर तक पहुंच गया. वहीं निफ्टी 50 भी आधे प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 25,735.15 के इंट्राडे लो पर आ गया.

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल मिलाकर 2000 अंकों से ज्यादा यानी करीब 2.5 प्रतिशत टूट चुका है. वहीं निफ्टी 50 में भी करीब 2.3 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. इस गिरावट के बाद निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ डूब गए हैं.

सोर्स-TradingView

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट पर नजर

निवेशकों की नजर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है. कोर्ट को ट्रंप के लिबरेशन डे टैरिफ से जुड़े मामले पर शुक्रवार 9 जनवरी को फैसला सुनाना है. अगर कोर्ट ट्रंप के खिलाफ फैसला देता है तो इससे बाजार को राहत मिल सकती है. लेकिन अगर फैसला उनके पक्ष में आता है तो बाजार की चिंता और बढ़ सकती है, क्योंकि इससे उनके और ज्यादा सख्त टैरिफ लगाने का रास्ता खुल सकता है.

नए टैरिफ को लेकर चिंता

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अलावा निवेशकों को अमेरिका में नए टैरिफ को लेकर भी डर सता रहा है. 7 जनवरी को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा था कि ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध से जुड़े बिल का सपोर्ट किया है. इससे उन देशों पर अमेरिकी टैरिफ 500 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जो रूस से तेल खरीदते हैं.

तिमाही नतीजों से पहले निवेशक अलर्ट

घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है. रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी डीमार्ट शनिवार को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी. वहीं आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियां टीसीएस और एचसीएल टेक सोमवार को अपने नतीजों का ऐलान करेंगी. कई तिमाहियों से कमजोर कमाई के बाद बाजार को तीसरी तिमाही से सुधार की उम्मीद है. हालांकि अगर नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे तो यह बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है और इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली और तेज होने की आशंका है.

FIIS की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs जुलाई पिछले साल से लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. जनवरी में अब तक यानी 8 तारीख तक FIIs कैश सेगमेंट में 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.