सोमवार को फिर आएगी बड़ी गिरावट? Nifty का 24000 के नीचे जाने का संकेत, जानिए क्यों मची खलबली!
ओपेक देशों में तेल और गैस उत्पादन बंद करना आसान फैसला नहीं होता. एक बार उत्पादन बंद होने के बाद इसे फिर से शुरू करने में 15 से 30 दिन तक का समय लग सकता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ेगा.
ग्लोबल बाजारों में तनाव के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है. माना जा रहा है कि Nifty 50 इस हफ्ते 24,000 के अहम स्तर के नीचे भी फिसल सकता है. इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल बताया जा रहा है. डाउ जोंस फ्यूचर्स और भारतीय शेयर बाजार दोबारा खुलने में अब 24 घंटे से भी कम समय बचा है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में किसी तरह की कमी के संकेत नहीं दिख रहे हैं. इसी बीच कुवैत, यूएई, सऊदी अरब, इराक और कतर जैसे कई ओपेक देशों ने अपने तेल और गैस उत्पादन में आंशिक कटौती की पुष्टि की है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने बुधवार को गैस निर्यात पर फोर्स मेजर घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि दुनिया भर के गैस बाजारों में आने वाले हफ्तों में सप्लाई की कमी देखने को मिल सकती है. कतर दुनिया के करीब 20 प्रतिशत एलएनजी की सप्लाई करता है. ऐसे हालात में कच्चे तेल की कीमतें सोमवार या आने वाले कुछ सेशनों में 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का शेयर बाजार पर असर
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि, ओपेक देशों में तेल और गैस उत्पादन बंद करना आसान फैसला नहीं होता. एक बार उत्पादन बंद होने के बाद इसे फिर से शुरू करने में 15 से 30 दिन तक का समय लग सकता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ेगा.
इक्विटी बाजार पर बढ़ेगा दबाव
तेल और गैस उत्पादन में आंशिक कटौती से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आएगी, जिसका नेगेटिव असर इक्विटी बाजारों पर पड़ेगा. जिस तरह से ब्रेंट क्रूड बढ़ रहा है, ऐसा लगता है कि ब्रेंट क्रूड जल्द ही 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. कतर में उत्पादन रुकने से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
24,000 के नीचे जा सकता है Nifty
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए एक महीने की छूट दी है. अमेरिका को भी लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा गैप-अप देखने को मिल सकता है, जिससे ग्लोबल इक्विटी बाजारों के साथ दलाल स्ट्रीट पर भी दबाव बढ़ेगा.
बाजार के जानकारों के मुताबिक, सोमवार को Nifty 50 में गैप डाउन ओपनिंग देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 24,200 के सपोर्ट के आसपास पहुंच सकता है. अगर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर टिकता है तो इस हफ्ते Nifty 50 के 24,000 के नीचे जाने की संभावना बढ़ जाएगी.
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