गिरते बाजार को इन 875 शेयर ने किया गाढ़ा लाल, सभी में लगे लोअर सर्किट; दो दिन में ₹12 लाख करोड़ स्वाहा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. सोमवार को सेंसेक्स 1,353 अंक और निफ्टी 422 अंक गिरकर बंद हुए, जबकि बीएसई पर 875 से ज्यादा शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए.

शेयर मार्केट में गिरावट. Image Credit: money9live/CanvaAI

Share Market Fall 875 Stocks Lower Circuit: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार, 9 मार्च को घरेलू इक्विटी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए. वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार के माहौल को और कमजोर कर दिया.

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,353 अंक यानी करीब 1.71 फीसदी गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 50 भी 422 अंक यानी 1.73 फीसदी टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया. बाजार में गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली देखी गई. BSE मिडकैप इंडेक्स करीब 2 फीसदी गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 2.46 फीसदी तक लुढ़क गया. इससे साफ है कि निवेशकों ने जोखिम वाले सेगमेंट में ज्यादा तेजी से मुनाफावसूली की.

निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट

शेयर बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा. सिर्फ सोमवार के सत्र में ही निवेशकों की कुल संपत्ति करीब 9 लाख करोड़ रुपये घट गई. अगर पिछले दो कारोबारी सत्रों को मिलाकर देखें तो निवेशकों की संपत्ति में करीब 12 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई है. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन भी घटकर लगभग 441 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो गुरुवार को करीब 453 लाख करोड़ रुपये था.

दो दिन में 3 फीसदी तक टूटे प्रमुख इंडेक्स

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने लगातार दो कारोबारी सत्रों में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की है. सोमवार को बाजार में कमजोरी का असर कई बड़े शेयरों पर भी पड़ा. बीएसई पर करीब 875 शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गए. इनमें HDFC Bank, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro, Asian Paints, InterGlobe Aviation (IndiGo), Trent और Ambuja Cements जैसे प्रमुख शेयर शामिल रहे. इसके अलावा Tata Motors Passenger Vehicles, Suzlon Energy, Shree Cement, REC, Info Edge (India), Indian Hotels Company, Gail (India), DLF, Dixon Technologies, Coforge और Bajaj Holdings & Investment जैसे कई शेयर भी दिन के कारोबार के दौरान अपने सालभर के सबसे निचले स्तर तक फिसल गए.

कुछ शेयरों ने बनाई नई ऊंचाई

जहां ज्यादातर शेयरों में गिरावट रही, वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद मजबूती दिखाई. करीब 72 शेयरों ने बीएसई पर 52 हफ्ते का नया उच्च स्तर बनाया. इनमें Mangalore Refinery and Petrochemicals (MRPL), Citurgia Biochemicals, Jindal Poly Films, Motilal Oswal Nifty India Defence ETF और SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF जैसे नाम शामिल हैं.

कई शेयरों में तेज गिरावट

सोमवार, 9 मार्च के कारोबार में कुछ शेयरों में भारी गिरावट भी देखने को मिली. करीब 16 शेयर 15 फीसदी से ज्यादा टूट गए. इनमें Balkrishna Paper Mills, DSP Nifty 50 Equal Weight ETF, Allcargo Terminals और DCM Nouvelle जैसे स्टॉक्स शामिल रहे. हालांकि बाजार की कमजोरी के बीच कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन भी किया. Jindal Poly Investment और R Systems International जैसे कुछ शेयरों में 15 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई.

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