तिमाही नतीजों के बाद क्रैश हुए Wipro के शेयर, 10 फीसदी लुढ़के; जानें Sell करें या Hold?

तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली. निवेशकों की चिंता साफ नजर आई और शुरुआती कारोबार में ही शेयर करीब 10 फीसदी तक फिसल गया. Elara Capital ने Sell की रेटिंग दी है. साथ ही इसका टारगेट प्राइस 220 रुपए बताया है. ब्रोकरेज की मुताबिक 18 फीसदी डाउन साइड की उम्मीद है.

विप्रो Image Credit: Getty image

Wipro: भारतीय IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro के लिए सोमवार की सुबह अच्छी नहीं रही. तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली. निवेशकों की चिंता साफ नजर आई और शुरुआती कारोबार में ही शेयर करीब 10 फीसदी तक फिसल गया. Wipro का शेयर BSE पर 241 रुपये तक गिर गया, जो इसका इंट्राडे लो था. यह गिरावट सिर्फ कंपनी के खराब प्रदर्शन की कहानी नहीं कहती, बल्कि पूरे IT सेक्टर में मांग की धीमी रफ्तार की ओर भी इशारा करती है. कुछ ने मार्जिन में सुधार की तारीफ की, तो कुछ ने कमजोर गाइडेंस को लेकर चिंता जताई.

शेयर में तेज गिरावट क्यों आई

सोमवार को Wipro का शेयर 10 प्रतिशत तक गिरा और ₹241.55 के निचले स्तर के करीब पहुंच गया. सुबह 10:25 बजे यह 249.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, यानी करीब 9.28 फीसदी नीचे. Sensex 0.70 प्रतिशत गिरकर 83986 पर था. इससे साफ है कि बाजार से ज्यादा दबाव Wipro के शेयर पर दिखा. यह गिरावट शुक्रवार को आए Q3 नतीजों के बाद आई.

ब्रोकरेज फर्म ने ‘सेल’ रेटिंग दी

Elara Capital ने Sell की रेटिंग दी है. साथ ही इसका टारगेट प्राइस 220 रुपए बताया है. ब्रोकरेज की मुताबिक 18 फीसदी डाउन साइड की उम्मीद है. Wipro का Q3 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹3,145 करोड़ रहा. यह पिछली तिमाही के ₹3,262.4 करोड़ से 3.5 प्रतिशत कम है. साल-दर-साल आधार पर भी मुनाफा 6.5 प्रतिशत गिरा, क्योंकि पिछले साल यह ₹3,366.7 करोड़ था. कंपनी ने कहा कि नए लेबर कोड लागू होने के कारण खर्च बढ़ा, जिससे मुनाफा दबाव में आया.

रेवेन्यू में बढ़ोतरी, पर दबाव बरकरार

मुनाफा गिरने के बावजूद कंपनी की आय बढ़ी. Q3 में Wipro की ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹23,555.8 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही के ₹22,697.3 करोड़ से 3.7 प्रतिशत ज्यादा है. सालाना आधार पर भी रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत बढ़ा, क्योंकि पिछले साल यह ₹22,318.8 करोड़ था. इसका मतलब है कि कंपनी को ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन खर्च बढ़ने से मुनाफा प्रभावित हो रहा है.

मार्जिन में हल्का सुधार

Wipro का IT सर्विस ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6 प्रतिशत रहा. यह पिछली तिमाही से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है. साल-दर-साल भी इसमें हल्का सुधार दिखा. मार्जिन बेहतर होना अच्छी बात है, लेकिन कमजोर गाइडेंस ने निवेशकों का भरोसा कम कर दिया. Wipro के नतीजे मिले-जुले रहे. रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार दिखा, लेकिन मुनाफे में गिरावट और कमजोर गाइडेंस ने शेयर को नुकसान पहुंचाया.

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