Budget 2026 में आएगा मेगा बैंकिंग प्लान! बनेंगे वर्ल्ड क्लास बैंक; सरकारी बैंकों के विलय का दिखेगा रोडमैप
Budget 2026 में केंद्र सरकार बैंकिंग सेक्टर को लेकर बड़ा रोडमैप पेश कर सकती है. इसका फोकस सरकारी बैंकों के आगे एकीकरण पर रहेगा ताकि बड़े और वर्ल्ड क्लास बैंक तैयार किए जा सकें. अभी भारत के बहुत कम बैंक वैश्विक टॉप लिस्ट में शामिल हैं.
Budget 2026: केंद्र सरकार आने वाले बजट 2026 में बैंकिंग सेक्टर को लेकर एक बड़ा रोडमैप पेश कर सकती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकारी बैंकों के और एकीकरण की दिशा तय कर सकती हैं, जिसका लक्ष्य ऐसे बड़े और मजबूत बैंक बनाना है जो वैश्विक स्तर पर कंपटीशन कर सकें. फिलहाल भारत के बहुत कम बैंक दुनिया के शीर्ष बैंकों में शामिल हैं. इसी सोच के तहत बजट में बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है.
सरकारी बैंकों के विलय की आगे की योजना
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बड़े बैंक जरूरी हैं. इसी सोच के तहत पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों का एकीकरण किया गया है. साल 2017 में जहां सरकारी बैंकों की संख्या 27 थी, वह अब घटकर 12 रह गई है. इस कदम से बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और उनकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ी है. अब Budget 2026 में सरकार इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रोडमैप पेश कर सकती है.
SBI बना देश का सबसे मजबूत बैंक
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सरकार की बैंकिंग सुधार नीति का सबसे बड़ा उदाहरण है. साल 2017 में इसके सहयोगी बैंकों का विलय किया गया, जिससे SBI का आकार और ताकत दोनों बढ़े. आज SBI का एसेट बेस करीब 44 लाख करोड़ रुपये का है और देश भर में इसकी 22,500 से ज्यादा शाखाएं और 58,000 से अधिक एटीएम हैं. वैश्विक स्तर पर भी SBI भारत का इकलौता बैंक है जो शीर्ष 50 बैंकों की लिस्ट में शामिल है.
वोटिंग राइट पर हो सकता है बदलाव
डेलॉइट समेत कई कंसल्टेंसी का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए वोटिंग राइट से जुड़े नियमों में बदलाव जरूरी है. अभी बैंकिंग कानून के तहत प्रमोटर के वोटिंग अधिकार अधिकतम 26 फीसदी तक सीमित हैं, चाहे उनकी हिस्सेदारी कितनी भी हो. इस वजह से बड़े विदेशी निवेशक भारतीय बैंकों में निवेश से दूरी बनाते हैं. Budget 2026 में अगर इस नियम पर दोबारा विचार किया जाता है, तो बैंकिंग सेक्टर में बड़ी विदेशी कैपिटल आ सकती है.
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ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा
अगर सरकार बड़े और वर्ल्ड क्लास बैंक बनाने में सफल होती है, तो इसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. मजबूत बैंक ज्यादा सुरक्षित होंगे और कर्ज की उपलब्धता भी बेहतर होगी. निवेशकों के लिए भी बैंकिंग सेक्टर में नए अवसर बन सकते हैं. कुल मिलाकर Budget 2026 भारत के बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.
किन बैंकों का हो सकता है विलय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार कुछ मिड साइज सरकारी बैंकों को बड़े बैंकों में शामिल करने पर विचार कर रही है. बताया जा रहा है कि इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को देश के बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में मिलाया जा सकता है. इस संबंध में एक ड्राफ्ट रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन तैयार किया गया है.
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