इन 3 कारणों से बाजार में दहशत! सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे ₹2 लाख करोड़
सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर Sensex 561.70 अंक यानी करीब 0.67 प्रतिशत टूटकर 83,008.65 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं Nifty 166.60 अंक यानी करीब 0.65 प्रतिशत गिरकर 25,527.75 के आसपास ट्रेड कर रहा था. मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर रही. इस गिरावट के बाद निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ साफ हो गए.
सोमवार 19 जनवरी की सुबह शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. कमजोर ग्लोबल संकेतों और कमजोर Q3 नतीजों का असर के चलते Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर Sensex 561.70 अंक यानी करीब 0.67 प्रतिशत टूटकर 83,008.65 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं Nifty 166.60 अंक यानी करीब 0.65 प्रतिशत गिरकर 25,527.75 के आसपास ट्रेड कर रहा था. मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर रही. इस गिरावट के बाद निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ साफ हो गए. Nifty के टॉप लूजर्स में Wipro, RIL, Tata Motors PV, ICICI Bank और Max Healthcare जैसे बड़े शेयर शामिल रहे. आइए इस बड़ी गिरावट के पीछे की वजह जानते हैं.
कमजोर ग्लोबल संकेत
ग्लोबल बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ बयान के बाद ट्रेड वॉर की आशंका फिर से गहराई है. ट्रंप ने कहा है कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक वह यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाएंगे. ट्रंप ने Denmark, Norway, Sweden, France, Germany, Netherlands, Finland और Britain से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत अतिरिक्त इंपोर्ट ड्यूटी लगाने की बात कही है. अगर 1 जून तक कोई समझौता नहीं हुआ तो यह टैरिफ 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा. यूरोपीय बाजारों में EUROSTOXX 50 Futures और DAX Futures करीब 1.1 प्रतिशत टूटे. जापान का Nikkei भी करीब 1 प्रतिशत गिरा.
Fed Chair को लेकर अनिश्चितता
बाजार सेंटीमेंट उस वक्त और बिगड़ा जब ट्रंप ने कहा कि Kevin Hassett अगला Federal Reserve चेयरमैन नहीं बन सकते और वह White House National Economic Council के डायरेक्टर के तौर पर ही काम जारी रख सकते हैं. Hassett को ब्याज दरों में नरमी के पक्ष में माना जाता है. उनकी नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से 2026 में आक्रामक रेट कट की उम्मीदों पर ब्रेक लगा, जिससे ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट प्रभावित हुआ.
कमजोर Q3 नतीजों का असर
दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों ने भी बाजार पर दबाव डाला. IT Index करीब 1 प्रतिशत टूटा, जिसमें Wipro सबसे बड़ा लूजर रहा. Wipro का शेयर करीब 9 प्रतिशत टूट गया. कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए उम्मीद से कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है. वहीं, हेवी वेट शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज भी 3 फीसदी तक टूट गया, जिससे निफ्टी पर बुरा असर देखने को मिला.
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