WhatsApp पर निवेश का झांसा देकर 4 करोड़ की ठगी, दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह पकड़ा, 8 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने अंतरराष्ट्रीय निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठगे और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से रकम कंबोडिया भेजी. अब तक 63 शिकायतें सामने आई हैं और करीब 4 करोड़ रुपये की हेराफेरी का पता चला है.
Cyber Fraud: दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने एक इंटर-स्टेट और इंटरनेशनल लिंक वाली इंवेस्टमेंट स्कीम धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में आठ आरोपियों को चार राज्यों से गिरफ्तार किया गया. आरोपियों ने लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाकर उनसे रकम ऐंठी और इसे भारत में खुले म्यूल अकाउंट्स के जरिए कंबोडिया स्थित ऑपरेशंस तक पहुंचाया. पुलिस अब अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड और अन्य पीड़ितों की पहचान कर रही है.
कैसे सामने आई धोखाधड़ी
यह मामला 7 नवंबर को दर्ज किया गया था. वसंत कुंज की 42 वर्षीय महिला ने शिकायत की कि उसे फर्जी निवेश एक्सपर्ट्स ने 15.58 लाख रुपये का चूना लगाया. आरोपियों ने WhatsApp के जरिए संपर्क किया और स्टॉक ट्रेडिंग में गारंटीड रिटर्न का लालच दिया. महिला ने भरोसा करके पैसे म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर किए, जिन्हें बाद में फर्जी पाया गया.
जांच और गिरफ्तारी
तकनीकी निगरानी, मनी ट्रेल एनालिसिस और डिजिटल फॉरेंसिक के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना निवासी वनापाटला सुनील कुमार तक पहुंच बनाई. वह म्यूल अकाउंट्स की सप्लाई करता था. तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में छापों के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इन आरोपियों में अकाउंट हैंडलर्स, सप्लायर्स और फैसलिटेटर्स शामिल हैं.
धोखाधड़ी का तरीका
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों को अंतरराष्ट्रीय WhatsApp नंबरों से संपर्क किया गया. उन्हें फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर भेजा गया और भारी निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया. पैसा म्यूल अकाउंट्स में जमा किया गया, कई स्तरों से घुमाया गया और फिर विदेशी ऑपरेशंस तक पहुंचाया गया. प्रत्येक लिंक को कमीशन मिलता था, जिससे यह नेटवर्क और भी मजबूत हो गया.
आगे की जांच
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 10 स्मार्टफोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए. एक आरोपी, जो MBA ग्रेजुएट और पहले सॉफ्टवेयर कंपनी चला चुका था, ने अपने कॉर्पोरेट अकाउंट की सप्लाई की. यह अकाउंट अकेले 51 शिकायतों से जुड़ा हुआ है. पुलिस अब इस मामले में और सबूत इकट्ठा कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है.
ये भी पढ़ें- 22 साल के लड़के ने 4200 अकाउंट से की करोड़ों की ठगी, 864 साइबर फ्रॉड केस में नाम, है दुबई कनेक्शन
अलर्ट रहने की जरूरत
जानकारों का कहना है कि निवेश करते समय हमेशा वेरिफाई प्लेटफॉर्म और विश्वसनीय संस्थाओं का ही चयन करें. किसी भी निवेश सलाहकार की WhatsApp या सोशल मीडिया कॉल पर भरोसा न करें. छोटे-छोटे लाल झंडे जैसे असामान्य रिटर्न या तुरंत मुनाफा वाले ऑफर्स अक्सर धोखाधड़ी के संकेत होते हैं.
Latest Stories
18 से 23 जनवरी… OTT पर फिल्मों और सीरीज का सैलाब, मनोरंजन का फुल डोज
फ्री में फिल्म-सीरीज देखने की आदत पड़ सकती है भारी, डाउनलोड होते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ऐसे रहें सेफ
Amazon Republic Day Sale: iPhone 17 Pro सिर्फ 85,700 में, iPhone 17 Air 91,000 में, जाने कैसे पाएं ये बेस्ट डील
