भारतीय बाजार से क्यों हो रहा विदेशी निवेशकों का मोहभंग, जनवरी में अब तक बेचे 22,194 करोड़ रुपये के शेयर
जनवरी अभी खत्म भी नहीं हुआ है, और विदेशी निवेशकों ने दिसंबर में जितना पैसा इनवेस्ट किया था, उससे ज्यादा निकाल लिया है. इस निकासी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कारण डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर चिंता है. जनवरी में (10 जनवरी तक) विदेशी निवेशकों ने 22,194 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं.
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का पलायन लगातार जारी है. जनवरी का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और दिसंबर में विदेशी निवेशकों ने जितना निवेश किया था, उससे अधिक इस महीने पैसा निकाल लिया है. वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर यह अनुमान है कि यह निकासी जारी रहेगी और इसमें बढ़ोतरी हो सकती है. आंकड़ों पर गौर करें तो 2022 से अब तक जनवरी के महीने में विदेशी निवेशकों ने लगातार अपना पैसा निकाला है.
2022 में 33,303 करोड़ रुपये, 2023 में 28,852 करोड़ रुपये और 2024 में 25,744 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी. अब देखना होगा कि जनवरी 2025 में विदेशी निवेशक कितना पैसा निकालते हैं.
जनवरी में अब तक निकाले इतने पैसे
अमेरिकी डॉलर में लगातार बढ़ोतरी और डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने विदेशी निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने इस महीने 10 जनवरी तक 22,194 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं. वहीं, दिसंबर 2024 में 15,446 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. 2 जनवरी को छोड़कर बाकी सभी कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने अपने शेयर बेचे हैं.
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क्यों हो रही बिकवाली
बिजनेस स्टैंडर्ड के हवाले से मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक (प्रबंधक शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, “भारतीय बाजारों से विदेशी फंड के पलायन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कंपनियों के तिमाही नतीजों का कमजोर रहने का अनुमान, ट्रंप के कार्यकाल में टैरिफ वार की चिंता, जीडीपी ग्रोथ में सुस्ती, उच्च महंगाई और भारत में ब्याज दरों में कटौती को लेकर असमंजस. इसके अलावा, भारतीय रुपये में गिरावट, यूएस बॉन्ड यील्ड में तेजी और भारतीय बाजारों के हाई वैल्यूएशन भी विदेशी निवेशकों को दूर कर रहे हैं.”
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, “एफपीआई द्वारा लगातार बिकवाली का मुख्य कारण डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी है, जो अब 109 से ऊपर है.”
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