₹13000 में बना यह अनोखा चीनी ऐप हुआ वायरल, लोगों से रोज पूछता है ‘आप जिंदा है न’? वैल्यूएशन हुई ₹13 करोड़
सिर्फ 13 हजार रुपये में बने एक साधारण चीनी ऐप की वैल्यूएशन करीब 13 करोड़ रुपये का हो चुकी है. अकेले रहने वालों की सुरक्षा के लिए बनाया गया यह ऐप समय-समय पर यूजर से हालचाल पूछता है और जवाब न मिलने पर ऐप पहले से चुने गए किसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट भेज देता है.
चीन में एक बेहद साधारण से मोबाइल ऐप ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद आमतौर पर बड़े स्टार्टअप्स और भारी फंडिंग वाले प्रोजेक्ट्स से की जाती है. महज 1,000 युआन (करीब 13,000 रुपये) की लागत से बनाया गया यह ऐप आज 1 करोड़ युआन (लगभग 13 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन तक पहुंच चुका है. खास बात यह है कि इस ऐप में न तो कोई चमकदार फीचर है और न ही जटिल टेक्नोलॉजी, फिर भी लोग इसे पसंद कर रहे हैं. इस ऐप का नाम है- Are You Dead? आइये जानते हैं कि यह ऐप क्या करता है.
क्या करता है ऐप
इस ऐप का नाम है Are You Dead? यानी “क्या आप जिंदा हैं?” इसका नाम भले ही चौंकाने वाला लगे लेकिन इसका मकसद बेहद सीधा और मानवीय है. इसे उन लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, जो अकेले रहते हैं. ऐप हर कुछ दिनों में यूजर से सिर्फ इतना पूछता है कि क्या वे ठीक हैं या नहीं. अगर यूजर तय समय पर जवाब नहीं देता, तो ऐप पहले से चुने गए किसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट भेज देता है.
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह लगभग कुछ भी नहीं करता है. इसमें कोई सोशल फीड नहीं, कोई लाइक या कमेंट नहीं और न ही यह बार-बार नोटिफिकेशन भेजता है. यह बैकग्राउंड में शांति से रहता है और सिर्फ एक साधारण कन्फर्मेशन का इंतजार करता है. इसका यही सिंप्लीसिटी लोगों को पसंद आ रही है.
क्यों इसे लोग कर रहे पसंद
चीन में इसे “Sile Me” के नाम से भी जाना जाता है. यह ऐप खासतौर पर शहरों में अकेले रहने वाले युवा प्रोफेशनल्स और उन बुजुर्गों के बीच लोकप्रिय हुआ है, जिनके परिवार दूर रहते हैं. हाल के वर्षों में चीन में सिंगल-पर्सन हाउसहोल्ड्स की संख्या तेजी से बढ़ी है जिसकी वजह शहरीकरण, लंबे कामकाजी घंटे और शादी में देरी मानी जा रही है.
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस ऐप को लेकर अपने अनुभव साझा किए जिसके बाद इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. कई लोगों ने कहा कि इससे उनके माता-पिता को मानसिक सुकून मिलता है जबकि कुछ यूजर्स ने बताया कि यह ऐप उन्हें अकेलेपन और चिंता से निपटने में मदद करता है. एक यूजर ने लिखा कि इसका रिमाइंडर “दरवाजे पर हल्की दस्तक” जैसा लगता है, जो दखल देने के लिए नहीं, बल्कि हालचाल पूछने के लिए है.
न आक्रामक विज्ञापन, न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनने की होड़
इस ऐप की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ी है लेकिन इसे अब तक बेहद सादगी के साथ चलाया जा रहा है. यह कुछ अतिरिक्त फीचर्स के लिए मामूली सब्सक्रिप्शन फीस लेता है जैसे कस्टम चेक-इन शेड्यूल और एक से ज्यादा इमरजेंसी कॉन्टैक्ट जोड़ने की सुविधा. न तो इसमें आक्रामक विज्ञापन आते हैं और न ही इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश की गई.
इस ऐप की सफलता इस बात का संकेत है कि आज के दौर में जटिल एल्गोरिदम से ज्यादा अहमियत कभी-कभी एक सही समय पर पूछा गया साधारण सवाल भी रखता है. क्राउडेड शहरों में, जहां लोग अक्सर खुद को अकेला महसूस करते हैं, यह छोटा सा ऐप एक बड़ा भावनात्मक सहारा बन गया है.
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