Meta और OpenAI के भारी-भरकम खर्च के बीच DeepSeek ने उतारा सस्ता और दमदार AI, चैटबॉट की दुनिया में तहलका
चीन की एक नई AI कंपनी DeepSeek ने अपनी लेटेस्ट तकनीक से दुनिया को चौंका दिया है. महंगे सुपरकंप्यूटर और हजारों चिप्स के बिना ही इस कंपनी ने ऐसे नतीजे दिए हैं जो OpenAI और Meta के सबसे बेहतरीन मॉडल्स को टक्कर दे सकते हैं.
Deepseek vs Chatgpt: चीन की एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी DeepSeek ने बाजार में धमाकेदार एंट्री की है. महज दो साल पुरानी इस कंपनी ने अपने मॉडल R1 को लॉन्च करने के साथ ही वैश्विक टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. डीपसीक का दावा है कि उसका AI मॉडल अमेरिका की अग्रणी कंपनियों OpenAI और Meta के प्रोडक्ट की बराबरी कर रहा है. जबकि चाईना के प्रोडक्ट को डेवलप करने में चैटजीपीटी के मुकाबले बेहद कम पैसा लगा है. इस उपलब्धि ने AI सेक्टर में अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने का संकेत दिया है.
DeepSeek का तेजी से बढ़ता प्रभाव
डीपसीक की स्थापना 2023 में 40 वर्षीय चीनी बिजनेसमैन लियांग वेनफेंग द्वारा की गई थी. जनवरी 2025 में कंपनी ने अपने ओपन-सोर्स मॉडल को अमेरिका में डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जिसके बाद यह Apple के ऐप स्टोर पर तेजी से लोकप्रिय हो गया.
डिपसीक का AI चैटबॉट iPhone डाउनलोड चार्ट में OpenAI के ChatGPT को पीछे छोड़ चुका है.कंपनी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि उपयोगकर्ता अब नए AI विकल्पों को भी अपनाने के लिए तैयार हैं.
बेहद सस्ते में डेवलप हुआ AI मॉडल
डीपसीक का दावा है कि उसके AI मॉडल R1 को विकसित करने में मात्र 5.6 मिलियन डॉलर (लगभग 46 करोड़ रुपये) की लागत आई, जो OpenAI या Meta जैसी कंपनियों द्वारा AI मॉडल तैयार करने में लगने वाली लागत से कहीं कम है. फोर्ब्स के रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपने हालिया एआई मॉडल को विकसित करने में करीब 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) खर्च किए थे.
डीपसीक ने बताया कि उसने अपने मॉडल को ट्रेन करने के लिए केवल 2,000 NVIDIA के स्पेशलाइज्ड कंप्यूटर चिप्स का इस्तेमाल किया, जबकि अमेरिका की दिग्गज कंपनियां अपने AI मॉडल्स को विकसित करने के लिए 16,000 या उससे अधिक चिप्स का इस्तेमाल करती हैं.
AI बेंचमार्किंग में DeepSeek का शानदार प्रदर्शन
DeepSeek के मॉडल R1 और V3 को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले द्वारा संचालित चैटबॉट एरीना प्लेटफॉर्म पर शीर्ष 10 में स्थान दिया गया है. यह मॉडल गणित की समस्याओं को हल करने, सामान्य ज्ञान और प्रश्न-उत्तर सवालों में अपने कंपटिटर की बराबरी या उनसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. बेंचमार्क टेस्ट्स में डीपसीक के चैटबॉट ने न केवल जटिल प्रश्नों के उत्तर दिए बल्कि लॉजिकल प्रॉब्लम्स को हल करने और अपने स्वयं के कंप्यूटर प्रोग्राम लिखने में भी शानदार प्रदर्शन किया.
DeepSeek की इस सफलता ने ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया है. अमेरिका की कंपनियों का मानना था कि केवल विशाल वित्तीय संसाधनों और एडवांस्ड चिप्स की उपलब्धता से ही हाई लेवल AI मॉडल विकसित किए जा सकते है. लेकिन डीपसीक ने कम लागत में एडवांस्ड AI मॉडल तैयार कर इस धारणा को चुनौती दी है.
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हालांकि, फोर्ब्स के रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विश्लेषकों ने DeepSeek के लागत संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं. बर्नस्टीन की विश्लेषक स्टेसी रैसगोन ने डीपसीक की लागत को “भ्रामक” बताया है. फिर भी, DeepSeek की सफलता से यह स्पष्ट है कि चीन की AI कंपनियां अब वैश्विक AI दौड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.
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