एक्सीडेंट की झूठी खबर से डराकर हो रही ठगी, एक फोटो खोलते ही खाली हो जाएगा अकाउंट, ऐसे करें बचाव

साइबर ठग अब एक्सीडेंट अलर्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी कर रहे हैं. अनजान कॉल के बाद व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो फाइल में खतरनाक मैलवेयर छिपा होता है. जैसे ही फाइल खोली जाती है फोन हैक हो जाता है. इस ठगी में न ओटीपी मांगा जाता है न पिन.

एक्सीडेंट अलर्ट के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है. Image Credit:

Accident alert scam: साइबर ठग अब लोगों को डर और घबराहट में डालकर ठगी करने के नए तरीके अपना रहे हैं. एक्सीडेंट अलर्ट के नाम पर भेजे जा रहे कॉल और फोटो फाइल इसके ताजा उदाहरण हैं. इस ठगी में सबसे खतरनाक बात यह है कि न तो ओटीपी मांगा जाता है और न ही बैंक डिटेल. ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. थोड़ी सी लापरवाही से लोगों का बैंक खाता खाली हो रहा है. सही जानकारी और सतर्कता से इससे बचाव संभव है.

कैसे शुरू होती है एक्सीडेंट अलर्ट ठगी

इस तरह की ठगी की शुरुआत एक अनजान फोन कॉल से होती है. कॉल करने वाला दावा करता है कि आपके किसी करीबी का एक्सीडेंट हो गया है. वह बातों में डर और जल्दबाजी पैदा करता है ताकि सामने वाला बिना सोचे समझे प्रतिक्रिया दे. कुछ ही सेकंड में कॉल काट दी जाती है. इसके बाद व्हाट्सएप पर एक फोटो भेजने की बात कही जाती है.

फोटो फाइल में कैसे फंसाया जाता है जाल

व्हाट्सएप पर जो फोटो भेजी जाती है वह सामान्य तस्वीर नहीं होती. यह एक खतरनाक फाइल होती है जो देखने में इमेज जैसी लगती है. जैसे ही यूजर इस फाइल को खोलता है फोन में छिपा हुआ मैलवेयर एक्टिव हो जाता है. यह सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में काम करता रहता है. यूजर को यह एहसास भी नहीं होता कि उसका फोन कंट्रोल में आ चुका है.

ओटीपी के बिना कैसे निकल जाते हैं पैसे

इस ठगी में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ओटीपी या पिन की जरूरत नहीं पड़ती. मैलवेयर फोन की एक्सेस परमिशन का दुरुपयोग करता है. यह बैंक और यूपीआई एप की गतिविधियों पर नजर रखता है. ठग फोन को रिमोट तरीके से कंट्रोल कर लेते हैं. इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं.

क्या है मामला

खेड़ा जिले में एक किसान को रिश्तेदार के एक्सीडेंट का फोन आया था. कॉल के बाद व्हाट्सएप पर एक फोटो फाइल भेजी गई. किसान ने फाइल खोली लेकिन शक होने पर तुरंत डिलीट कर दी. इसके बावजूद कुछ घंटों बाद उसके खाते से करीब पचास हजार रुपये निकल चुके थे. बैंक जांच में सामने आया कि रकम यूपीआई के जरिये ट्रांसफर हुई थी.

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ठगी से कैसे बचे

अनजान नंबर से आए डराने वाले कॉल पर तुरंत भरोसा न करें. व्हाट्सएप पर आई किसी भी अनजान फाइल को खोलने से बचें. एक्सीडेंट या अस्पताल से जुड़ी जानकारी की पहले परिवार या स्थानीय स्रोत से पुष्टि करें. फोन में गैर जरूरी ऐप परमिशन बंद रखें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन और पुलिस को दें.