SIM बॉक्स और फर्जी ASI भर्ती के नाम पर ठगी करने वालों का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने कसा शिकंजा

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. एक ओर अंतरराज्यीय SIM बॉक्स ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, तो दूसरी ओर नकली ASI भर्ती वेबसाइट के जरिए युवाओं को ठगने वाले गिरोह को पकड़ा गया. ये कार्रवाइयां ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम हैं.

Cyber Fraud Image Credit: @AI/Money9live

Cyber Fraud: दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने हाल ही में दो बड़ी साइबर ठगी के मामलों का पर्दाफाश किया है. एक तरफ देशभर में चल रहे SIM बॉक्स के जरिए होने वाली ठगी का बड़ा नेटवर्क तोड़ा गया, जिसमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है. वहीं दिसंबर 2025 में नकली ASI भर्ती घोटाले को भी बेनकाब किया गया. ये कार्रवाइयां लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने में अहम कदम हैं.

SIM बॉक्स गिरोह का पर्दाफाश

TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2026 में एक बड़े SIM बॉक्स नेटवर्क का खुलासा किया है. इस गिरोह ने हजारों अवैध SIM कार्डों का इस्तेमाल करके विदेशी कॉल्स को लोकल दिखाया और फर्जी लोन, निवेश तथा फिशिंग मैसेज भेजकर लोगों से ठगी की. ये डिवाइस सैकड़ों SIM एक साथ रखकर काम करती हैं, जिससे टेलीकॉम कंपनियों को चूना लगता है और ठगों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी कर 7 लोगों को पकड़ा, जिसमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है. जांच जारी है और इससे जुड़े करोड़ों की ठगी के मामले सामने आ रहे हैं.

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नकली ASI भर्ती वेबसाइट से युवाओं को ठगा

दिसंबर 2025 में दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ा घोटाला पकड़ा. ठगों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई. इस साइट पर 7 क्यूरेटर और 84 जूनियर असिस्टेंट के नकली पदों की भर्ती दिखाई गई. वेबसाइट बिल्कुल असली ASI साइट जैसी दिखती थी. लोगो, रंग और डिजाइन सब एक जैसे. ठगों ने कॉलेज स्टूडेंट ग्रुप्स, ऑनलाइन फोरम और मैसेज के जरिए लिंक शेयर किए. सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किया. पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी पकड़े और इस घोटाले को रोक दिया.

साइबर अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश जारी

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट लगातार साइबर ठगों पर नजर रख रही है. ये दोनों मामले दिखाते हैं कि ठग अब बहुत चालाक हो गए हैं – नकली वेबसाइट बनाना हो या SIM बॉक्स से कॉल छिपाना. पुलिस का कहना है कि जांच अभी भी चल रही है और ऐसे गिरोहों से जुड़े और लोग जल्द पकड़े जाएंगे. लोग सतर्क रहें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी भर्ती के लिए सिर्फ सरकारी वेबसाइट देखें.